रेलवे बंद करेगा पैसेंजर ट्रेन. 3000 जगह पर दौड़ेगी अब Vande Bharat Metro. 160 के स्पीड से पूरा होगा सफ़र.
देश की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन की उत्साह से प्रतीक्षा की जा रही है। भारतीय रेलवे ने इस साल दिसंबर में यह ट्रेन चलाने का लक्ष्य बनाया था। हालांकि, कुछ तकनीकी कारणों के कारण अब यह ट्रेन अगले साल फरवरी में दौड़ेगी।
वंदे मेट्रो ट्रेन: सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस का छोटा संस्करण
वंदे मेट्रो ट्रेन भारतीय रेलवे की चर्चित सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस का छोटा संस्करण है। इसका उद्देश्य मौजूदा 3000 पैसेंजर ट्रेनों को हटाना और उनकी जगह इसे चलाना है।
डिजाइन और परिचालन
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस माह इसका डिजाइन पूरा कर लिया जाएगा। सितंबर में, ट्रेन के कोच के आंतरिक-बाहरी डिजाइन का निर्माण शुरू हो जाएगा। ट्रेन का ट्रायल रन जनवरी में शुरू होगा, और पहली वंदे मेट्रो ट्रेन फरवरी 2024 में कॉमर्शियल परिचालन में आएगी।

विशेषताएं और गति
वंदे मेट्रो ट्रेनें दिनभर में चार से पांच फेरे लगाएंगी। यह ट्रेनें अधिकतम 130 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी। पैसेंजर ट्रेनों की अपेक्षा इनकी औसत रफ्तार अधिक होगी, जिससे दैनिक रेल यात्री कम समय में सफर पूरा कर सकेंगे।
सेल्फ प्रेपेल्ड तकनीकी
वंदे मेट्रो सेल्फ प्रेपेल्ड तकनीकी से चलती है। प्रत्येक तीन कोच के बीच चार मोटर होते हैं, जिससे ट्रेनें तेज गति से चलती और रुकती हैं। इससे इसकी औसत गति बढ़ जाती है।
महत्वपूर्ण सूचना:
| सूचना | विवरण |
|---|---|
| नाम | वंदे मेट्रो ट्रेन |
| लक्षित तारीख | फरवरी 2024 |
| डिजाइन | आंतरिक-बाहरी डिजाइन का निर्माण सितंबर में शुरू होगा |
| परिचालन | दैनिक चार से पांच फेरे |
| अधिकतम रफ्तार | 130 से 160 किमी प्रतिघंटा |
| टकनीकी | सेल्फ प्रेपेल्ड तकनीकी |





