वेनेजुएला में बुधवार शाम को दो बहुत शक्तिशाली भूकंप आए जिससे पूरे देश में भारी तबाही और डर का माहौल बन गया। रिक्टर स्केल पर इन झटकों की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गई। स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार ने पूरे देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है।
यह हादसा 24 जून 2026 को हुआ। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहले 7.2 तीव्रता का झटका लगा और उसके करीब 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का और भी बड़ा भूकंप आया। इस घटना का केंद्र मोंटाल्बान (Montalbán) क्षेत्र में था, जो राजधानी कराकास (Caracas) से लगभग 160 से 290 किलोमीटर दूर है। जानकारों ने इसे पिछले 126 सालों का सबसे विनाशकारी भूकंप बताया है।
एक्टिंग प्रेसिडेंट Delcy Rodríguez ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। उन्होंने लोगों से शांत रहने और क्षतिग्रस्त इमारतों को तुरंत खाली करने की अपील की। इस आपदा के बाद राजधानी का सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Simón Bolívar International Airport) गंभीर नुकसान के कारण अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया और देशभर में स्कूलों की छुट्टियां कर दी गईं।
मौतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। USGS ने शुरुआती अनुमान में 10,000 से 1,00,000 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई थी। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट में संख्या कम है। बारुटा (Baruta) के मेयर डार्विन गोंजालेज ने 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि फाल्कन (Falcón) राज्य के गवर्नर विक्टर क्लार्क ने बताया कि 32 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और 15 लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं।
भूकंप के झटके केवल वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों कोलंबिया, ब्राजील, अरुबा और कुराकाओ में भी महसूस किए गए। इस मुश्किल घड़ी में संयुक्त राष्ट्र (UN) और कई विदेशी सरकारों ने वेनेजुएला को मानवीय सहायता और बचाव टीमों भेजने का प्रस्ताव दिया है।
शहरों में कई इमारतें गिर गई हैं और बिजली-इंटरनेट की सेवाएं ठप हो गई हैं। लोग डर के मारे घंटों तक सड़कों पर ही रहे। वहीं कुछ एक्टिविस्ट्स ने सरकार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और VPN सेवाओं को खोलने की मांग की है ताकि लोग अपनों की जानकारी ले सकें।
