हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर अज्ञात मिसाइल से हमला, इंजन रूम तबाह और एक नाविक लापता

खाड़ी देशों के समुद्री इलाके में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खतरा सामने आया है। सोमवार 17 अगस्त 2026 की देर रात, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल या ड्रोन से जोरदार हमला हुआ। इस घटना की आधिकारिक पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने मंगलवार 18 अगस्त को जारी एक चेतावनी के जरिए की है। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है और स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
ओमानी कोस्ट गार्ड ने बचाए बचे हुए नाविक
अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस खतरनाक हमले की वजह से कम से कम एक नाविक हताहत हुआ है और एक अन्य नाविक अभी भी लापता चल रहा है। गनीमत यह रही कि ओमान के तटरक्षक बल यानी Omani Coast Guard की समय पर मदद से बाकी बचे हुए सभी नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था ताकि किसी और की जान खतरे में न पड़े। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और हमलावर कौन था, इसकी जांच एजेंसियां गहराई से कर रही हैं।
अधिकारियों ने जहाज की पहचान गुप्त रखी
यूकेएमटीओ ने अभी तक प्रभावित जहाज का नाम, उसका झंडा यानी फ्लैग स्टेट या उस पर लदे सामान की पूरी जानकारी यानी कार्गो मैनिफेस्ट सार्वजनिक नहीं किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इस समुद्री मार्ग पर पहले से ही तनाव का माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के टूटने के बाद से खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। 17 अगस्त को आए शिपिंग आंकड़ों से साफ पता चला था कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में अचानक भारी कमी आई है।
क्षेत्र में बढ़ गई है समुद्री सुरक्षा की चिंता
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़े पैमाने पर तेल और अन्य सामानों की ढुलाई होती है। इस इलाके में पहले भी जहाजों पर हमले होते रहे हैं जिन्हें लेकर संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE पहले ईरान समर्थित ताकतों को जिम्मेदार ठहरा चुका है। ताजा घटना के बाद खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और समुद्री सफर करने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बढ़ गया है, क्योंकि इस तरह के हमलों से वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।