हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अज्ञात पोत पर हमला, ओमान की मदद से बचे नाविक, क्षेत्रीय तनाव गहराया.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव उस समय बहुत ज्यादा बढ़ गया जब 18 अगस्त 2026 को एक अज्ञात पोत को किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने जोरदार टक्कर मार दी। इस बात की जानकारी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने दी है। इस हमले की वजह से जहाज के इंजन रूम को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है और साथ ही एक नाविक के हताहत होने की भी खबर सामने आई है, हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस शब्द का मतलब चोट लगना या मौत होना दोनों में से कुछ भी हो सकता है। इस मुश्किल समय में ओमान का तटरक्षक बल यानी ओमान कोस्ट गार्ड वहां फंसे बाकी बचे चालक दल के सदस्यों की मदद करने में लगातार जुटा हुआ है।
तनाव और शांति समझौते की समयसीमा
यह खतरनाक घटना ठीक उस समय के बाद सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच जलमार्ग के इस्तेमाल को लेकर शांति समझौता करने की 60 दिन की समयसीमा 17 अगस्त 2026 को खत्म हो गई थी। इस तनाव के चलते जलमार्ग से होने वाला समुद्री जहाजों का आना-जाना बहुत ज्यादा कम हो गया है। पहले जहां हर दिन औसतन 130 से ज्यादा जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर केवल सिंगल डिजिट यानी एक अंक में रह गई है। बातचीत के रास्ते बंद होने के बीच रॉयटर्स से बात करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि तेहरान अब पूरी तरह से आक्रामक सैन्य रुख अपनाने की योजना बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया और धमकियां
इस पूरे मामले में राजनीतिक तनाव तब और अधिक भड़क उठा जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अगस्त को ओमान को धमकी दी कि अगर उसने जलमार्ग को दोबारा खोलने के अमेरिकी प्रयासों में किसी भी तरह की बाधा डाली तो वह ओमान पर बमबारी कर देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने इस जलमार्ग को सीधे तौर पर अमेरिका का हिस्सा करार दिया। इस बढ़ती हुई उठापटक को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की जोरदार अपील की और कहा कि इस संकट का कोई भी सैन्य समाधान संभव नहीं है। तुर्किये के राष्ट्रपति तैयब एर्दोआन ने भी 18 अगस्त को एक फोन कॉल के दौरान इन बातों का समर्थन किया और राष्ट्रपति ट्रंप से कूटनीति को सबसे पहले रखने की बात कही।
ईरान और ओमान के बीच वैकल्पिक मार्गों की समझ
इस हमले से ठीक एक दिन पहले यानी 17 अगस्त को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ऐलान किया था कि तेहरान और मस्कट के बीच भविष्य के समुद्री रास्तों को लेकर एक समझ बन गई है। इस नए प्रस्ताव के मुताबिक एक अंतरिम अवधि के दौरान जहाज ईरानी तट के पास से प्रवेश करेंगे और ओमान के पानी से बाहर निकलेंगे और इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का टोल या शुल्क नहीं देना होगा। इस समय दोनों देश मिलकर इस पूरी योजना के ब्योरे को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त बयान पर काम कर रहे हैं।