Vietnam Airlines Update: म्यूनिख में बोइंग विमान के साथ हुआ बड़ा हादसा, उड़ान भरते समय टायरों और टेल स्ट्राइक की आई समस्या.

वियतनाम एयरलाइंस की एक बड़ी तकनीकी लापरवाही और खतरे का मामला सामने आया है, जहां म्यूनिख एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय विमान बाल-बाल बचा। विमानन अधिकारियों की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि म्यूनिख एयरपोर्ट से वियतनाम एयरलाइंस की उड़ान VN34 जब रनवे पर दौड़ रही थी, तब अचानक उसकी रफ्तार में दो सेकंड के लिए रुकावट आ गई थी। इस तकनीकी बाधा के बाद पायलटों ने फिर से विमान की गति बढ़ाई और टेकऑफ के लिए आगे बढ़े।
रनवे पर क्या हुआ था उस समय
जब विमान अपनी निर्धारित गति V1 पर पहुंचा, तो पायलटों ने महसूस किया कि विमान को सुरक्षित रूप से रोकने के लिए अब रनवे पर पर्याप्त जगह नहीं बची है। ऐसी स्थिति में क्रू मेंबर ने टेकऑफ रद्द करने के बजाय विमान को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया। विमान को उड़ा रहे पायलट ने बोइंग 787-9, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VN-A867 है, को रनवे का केवल लगभग 300 फीट (91 मीटर) हिस्सा बचा होने पर हवा में उठाया। टेकऑफ के वक्त विमान का कुल वजन लगभग 240 टन था, जो इसके अधिकतम वजन की सीमा 247.2 टन के भीतर ही था।
हवा में उड़ते ही मिले खतरे के संकेत
जैसे ही विमान आसमान में पहुंचा, उसके कंप्यूटर सिस्टम ने टेल स्ट्राइक और टायर के कम दबाव से जुड़ी चेतावनी देना शुरू कर दिया। इसके बाद हुई तकनीकी जांच में यह साफ हुआ कि विमान के मुख्य लैंडिंग गियर के कुल आठ टायरों में से चार टायरों की हवा निकल चुकी थी। सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी के लिए विमान के क्रू ने कम ऊंचाई पर ही उड़ान जारी रखी और एयरपोर्ट के चक्कर लगाए ताकि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर नीचे से लैंडिंग गियर की स्थिति को अपनी आंखों से देख सकें।
म्यूनिख एयरपोर्ट पर विमान अभी भी खड़ा है
इस पूरी घटना के बाद से यह विमान अभी भी म्यूनिख एयरपोर्ट पर ही खड़ा है और कहीं नहीं गया है। विमानन जांचकर्ता विमान की बारीकी से तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि असल में यह तकनीकी खराबी कैसे आई थी। इस तरह की घटनाओं से उन यात्रियों को भी चिंता होती है जो विदेश यात्रा करते हैं, खासकर वे लोग जो अक्सर विमानों से लंबा सफर तय करते हैं।