वियतनाम में हुई नाव दुर्घटना के बाद एक चश्मदीद भारतीय पर्यटक Pradeep Reddy ने इस हादसे का खौफनाक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त नाव पलट गई और बीच में बैठे लोगों को कांच के घेरे के कारण बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
हादसे का विवरण और सरकारी कार्रवाई
यह घटना 11 जुलाई 2026 को Hon May Rut Ngoai Island के पास हुई। Ocean Pearl Island Company की स्पीडबोट AG-26751 तट से करीब 400 मीटर दूर खराब मौसम के कारण पलट गई। मरने वालों में 10 लोग तमिलनाडु से, 3 आंध्र प्रदेश से और 2 केरल से थे। वियतनामी अधिकारियों ने इसके पीछे अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं को मुख्य कारण माना है। वियतनाम के प्रधानमंत्री Le Minh Hung ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और नाव के कप्तान Nguyen Hong Hai को हिरासत में ले लिया गया है।
राहत और बचाव में आई चुनौतियां
हादसे के शिकार लोगों ने बताया कि मौके पर आपातकालीन सुविधाओं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की भारी कमी थी। घायलों की मदद के लिए साथियों को ही खुद CPR करना पड़ा। भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए Lava International कंपनी ने 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। शवों को वापस भारत लाने के लिए भारतीय दूतावास ने पूरी प्रक्रिया का समन्वय किया और सोमवार, 13 जुलाई 2026 को विमान मुंबई पहुंचा।
