टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को एक बड़ी राहत मिली है। CNBC आवाज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, आज शाम कैबिनेट की बैठक में स्पेक्ट्रम के बदले बैंक गारंटी देने की शर्त को हटाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इस फैसले की औपचारिक घोषणा कैबिनेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं की गई है।

 


वोडाफोन आइडिया को सबसे बड़ा फायदा

इस निर्णय का लाभ सिर्फ वोडाफोन आइडिया को ही नहीं, बल्कि रिलायंस जियो और एयरटेल को भी मिलेगा। लेकिन सबसे अधिक राहत वोडाफोन आइडिया को मिलेगी, क्योंकि कंपनी पर बैंक गारंटी की सबसे बड़ी देनदारी है।

 

वोडाफोन आइडिया की स्थिति:

  • सितंबर 2024 में कंपनी को ₹4,600 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
  • आने वाले महीनों में कंपनी पर ₹24,700 करोड़ की बैंक गारंटी का दबाव था।

 


वोडाफोन आइडिया ने की थी बैंक गारंटी हटाने की मांग

वोडाफोन आइडिया ने सरकार से आग्रह किया था कि बैंक गारंटी की शर्त को खत्म किया जाए। इसके बाद, टेलीकॉम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव तैयार किया।

प्रस्ताव में क्या था?

  • 2022 से पहले स्पेक्ट्रम नीलामी में शामिल कंपनियों के लिए बैंक गारंटी की शर्त खत्म करने का सुझाव।
  • मंत्रालय ने तर्क दिया कि 2022 और उसके बाद दिए गए स्पेक्ट्रम के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं थी। इसलिए, 2022 से पहले के मामलों में भी इसे हटाना उचित होगा।

 

 

कैबिनेट ने दी मंजूरी

सूत्रों के अनुसार, टेलीकॉम मंत्रालय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इससे टेलीकॉम कंपनियों पर बैंक गारंटी का भार घटेगा और वे अपने वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगी।

Lov Singh

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