Vodafone Idea (Vi) के निवेशकों और ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने आधिकारिक तौर पर कंपनी के पिछले 11 सालों के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की दोबारा जांच (reassessment) शुरू कर दी है। CNBC आवाज की खबर पर मुहर लगाते हुए विभाग ने देशभर के 22 अधिकारियों को 31 मार्च तक यह काम पूरा करने का निर्देश दिया है। यह कदम कंपनी को भारी-भरकम कर्ज के बोझ से उबरने और भविष्य में अपनी स्थिति मजबूत करने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

11 साल के बकाये का री-असेसमेंट शुरू

दूरसंचार विभाग ने देशभर के 22 कंट्रोलर ऑफ कम्युनिकेशन अकाउंट्स (CCA) को स्पष्ट आदेश भेजे हैं। इन आदेशों के मुताबिक, Vodafone Idea के वित्तीय वर्ष 2006-07 से लेकर 2018-19 तक के AGR बकाये की दोबारा गणना की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया 2020 में जारी की गई सरकारी गाइडलाइंस के तहत पूरी की जानी है। गुरुवार को जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि 31 मार्च तक री-असेसमेंट का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि कंपनी की देनदारी की सही तस्वीर सामने आ सके।

नया पेमेंट शेड्यूल और सालाना किश्तें

सरकार द्वारा मंजूर किए गए प्लान के मुताबिक, Vodafone Idea को भुगतान में बड़ी राहत दी गई है। री-असेसमेंट के बाद तय होने वाली राशि का मुख्य भुगतान मार्च 2036 से शुरू होगा। इससे पहले कंपनी को अगले 10 सालों तक बहुत ही कम राशि चुकानी होगी। नीचे दी गई तालिका में आप नया भुगतान शेड्यूल समझ सकते हैं:

समय सीमा भुगतान राशि (सालाना)
मार्च 2026 से मार्च 2031 तक (6 साल) अधिकतम ₹124 करोड़
मार्च 2032 से मार्च 2035 तक (4 साल) ₹100 करोड़
मार्च 2036 से मार्च 2041 तक (6 साल) बाकी बची हुई राशि (बराबर किश्तों में)

कितना है कंपनी पर अभी कर्ज?

31 दिसंबर 2025 तक Vodafone Idea का कुल AGR बकाया (ब्याज और पेनल्टी मिलाकर) लगभग 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज है। इस नई राहत से पहले, कंपनी को मार्च 2026 तक 18,000 करोड़ रुपये चुकाने थे, जो कि एक बड़ी चुनौती थी। अब री-असेसमेंट प्रक्रिया के चलते कंपनी को तत्काल भुगतान से ‘कैश-फ्लो’ में बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने भी जनहित और वोडाफोन आइडिया में सरकार की 49% हिस्सेदारी को देखते हुए इस प्रक्रिया को हरी झंडी दी थी।

एक्सपर्ट्स की राय और राहत की उम्मीद

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंपनी को बड़ा फायदा हो सकता है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, री-असेसमेंट के बाद कंपनी की देनदारी में करीब 54,200 करोड़ रुपये तक की कमी आ सकती है। इसका असर कंपनी के शेयर प्राइस पर भी दिख सकता है, जिसमें प्रति शेयर 5 रुपये तक का इजाफा संभव है। हालांकि, इसके लिए कंपनी को एक अंडरटेकिंग (सहमति पत्र) देना होगा कि वह कमेटी के अंतिम फैसले को स्वीकार करेगी।

4G/5G विस्तार और स्पेक्ट्रम की चुनौती

AGR री-असेसमेंट से मिली राहत के बाद Vodafone Idea अब अपने नेटवर्क को सुधारने पर फोकस कर सकेगी। कंपनी की योजना 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने और कुल 50,000-55,000 करोड़ रुपये का निवेश (Capex) करने की है। इसका इस्तेमाल 4G और 5G सेवाओं को बेहतर बनाने और ग्राहकों को रोकने के लिए किया जाएगा। हालांकि, कंपनी के सामने अभी भी 1.2 लाख करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम बकाये की चुनौती है, जिसका बड़ा भुगतान वित्त वर्ष 2027 से शुरू होगा।

Last Updated: 17 January 2026

GulfHindi Desk

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