अगर आप भी वोडाफोन आइडिया के 25.5 करोड़ मोबाइल ग्राहकों में से हैं तो नवंबर का महीना आपके लिए आफत ला सकता है। देश की तीन निजी मोबाइल कंपनियों में से एक वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea Ltd.) की मुश्किलें और भी गहरा गई हैं।

पहले से ही भारी कर्ज के तले दबी इस कंपनी को नवंबर से अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ सकती है। इसके पीछे टावर सेवाएं देने वाली कंपनी इंडस टावर्स पर भारी भरकम बकाया है।

इंडस टावर्स पर 7000 करोड़ का बकाया

 

एक रिपोर्ट के अनुसार वोडाफोन आइडिया पर इंडस टावर्स का करीब 7,000 करोड़ रुपए का बकाया है। बीते लंबे वक्त से वोडा आइडिया इस बकाए को चुकाने में आनाकानी कर रही है। अब इंडस टावर्स ने अंतिम चेतावनी देते हुए अक्टूबर तक पूरे पैसे के भुगतान करने को कहा है। यदि ऐसा नहीं होता है तो कंपनी ने नवंबर से टावर सेवाएं बंद करने की धमकी दे डाली है।

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इंडस टावर के अलावा ATC पर भी बकाया

 

वोडाफोन आइडिया पर सिर्फ इंडस टावर्स का ही 7,000 करोड़ रुपए का बकाया नहीं है। बल्कि एक अन्य टावर सर्विस प्रोवाइडर अमेरिकन टावर कंपनी (ATC) का भी 2,000 करोड़ रुपए का बकाया है। इसी सप्ताह सोमवार को इंडस टावर्स के बोर्ड की मीटिंग हुई। इसमें कंपनी की वित्तीय स्थिति पर चर्चा हुई। इसके बाद इंडस टावर्स ने वोडाफोन आइडिया को 7 हजार करोड़ रुपए के बकाये की अदायगी के लिए पत्र लिखा है।

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वोडाफोन आइडिया देश में जियो और एयरटेल के बाद तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। दरअसल तीन कंपनियों में यह आखिरी नंबर पर है। यह कंपनी भारी भरकम कर्ज में डूबी है। जून के अंत तक कंपनी पर 1.98 लाख करोड़ रुपए से अधिक कर्ज था। इसमें से 1.16 लाख करोड़ रुपए डेफर्ड पेमेंट बकाया है जबकि बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस का 15,200 करोड़ रुपए का कर्ज है। कंपनी पर फिनलैंड की कंपनी नोकिया का 3,000 करोड़ रुपया और स्वीडन की कंपनी एरिक्सन का 1,000 करोड़ रुपए बकाया है।