UAE में रहने वाले प्रवासियों और बिजनेस चलाने वालों के लिए एक ज़रूरी जानकारी सामने आई है। अगर आप वहां हेल्थ, कार या घर का बीमा कराते हैं, तो युद्ध या किसी सैन्य हमले के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई आमतौर पर नहीं होती है। मौजूदा हालातों को देखते हुए अब लोगों को अपनी पॉलिसी के नियमों को गहराई से समझने की ज़रूरत है ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।

बीमा पॉलिसी में क्या कवर नहीं होता है?

UAE में मिलने वाली ज़्यादातर स्टैंडर्ड इंश्योरेंस पॉलिसी जैसे हेल्थ, होम, कार और ट्रेवल में युद्ध, विदेशी दुश्मनों के हमले या गृहयुद्ध से होने वाले नुकसान को शामिल नहीं किया जाता है। इसका मतलब है कि अगर किसी सैन्य कार्रवाई के कारण गाड़ी खराब होती है या चोट लगती है, तो बीमा कंपनी पैसा नहीं देगी। हालांकि, 2025 से Central Bank of UAE (CBUAE) के नए नियमों के अनुसार, ऐसी शर्तों को पॉलिसी में बोल्ड और अलग रंग में लिखना ज़रूरी होगा ताकि आम आदमी इसे आसानी से देख सके।

आम लोग खुद को कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?

रिटेल मार्केट में आम लोगों के लिए युद्ध के जोखिम का बीमा मिलना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कुछ विकल्प मौजूद हैं। आपातकालीन निकासी (Emergency Evacuation) के लिए Global Rescue और International SOS जैसी कंपनियां सेवाएं देती हैं, जो संघर्ष वाले क्षेत्रों से परिवार को बाहर निकालने का खर्च उठाती हैं। इसके अलावा, कुछ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में ‘पैसिव वॉर रिस्क’ (Passive War Risk) कवर होता है, जिसमें युद्ध के दौरान केवल मूकदर्शक बने रहने वाले लोगों को सुरक्षा मिलती है। ट्रेवल इंश्योरेंस के मामले में, अगर UAE विदेश मंत्रालय (MoFA) किसी जगह के लिए ‘Do Not Travel’ की चेतावनी जारी करता है, तो वहां के लिए बीमा कवर खत्म हो जाता है।

हाल के बड़े अपडेट और बदलाव

बाज़ार में युद्ध के जोखिम को लेकर कई बदलाव हुए हैं और कुछ कंपनियों ने खास ऑफर भी निकाले हैं। नीचे दी गई टेबल से आप मुख्य अपडेट देख सकते हैं:

संस्था/कंपनी मुख्य अपडेट
OGold और DNI गोल्ड और सिल्वर ऐप यूजर्स के लिए मुफ्त वॉर रिस्क प्रोटेक्शन शुरू किया।
Emirates Airline पूरी फ्लीट के लिए सस्ता वॉर रिस्क बीमा लिया, जिससे खर्च काफी कम हुआ।
Crowe UAE हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी हुई।
AM Best UAE की बीमा कंपनियां री-इंश्योरेंस और नियमों के कारण युद्ध के नुकसान से सुरक्षित हैं।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.