Washington में GCC, Jordan और US की दूसरी बैठक, ईरान के खतरों से निपटने के लिए बनाया प्लान
Washington के Department of War में GCC देशों, जॉर्डन और अमेरिका के बीच बातचीत का दूसरा दौर पूरा हुआ। इस महत्वपूर्ण मीटिंग की अध्यक्षता Undersecretary of War for Policy Elbridge A. Colby ने की। कुवैत की तरफ से Sheikha Al-Zain Al-Sabah ने हिस्सा लिया और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी बात रखी।
वाशिंगटन मीटिंग में कौन-कौन शामिल हुआ और क्या था मकसद?
इस बैठक में GCC देशों के दूत, जॉर्डन के प्रतिनिधि और अमेरिका के बड़े अधिकारी शामिल हुए। इसका मुख्य मकसद ईरान की आक्रामकता को रोकना और खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखना था। Undersecretary Elbridge A. Colby ने इस पूरी चर्चा का नेतृत्व किया। कुवैत की राजदूत Sheikha Al-Zain Al-Sabah ने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया और अमेरिका के साथ रणनीतिक सहयोग पर बात की।
ईरान की हरकतों पर GCC और जॉर्डन का क्या रुख है?
GCC और जॉर्डन ने मिलकर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। GCC के सचिव-जनरल Jasem Mohamed Al-Budaiwi ने कहा कि वे बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करना भी जरूरी है। जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने भी सुरक्षा चर्चाओं में हिस्सा लिया और ईरान के लापरवाह हमलों का विरोध किया।
अमेरिका का साथ और Operation Epic Fury की तैयारी
अमेरिका के Undersecretary Colby ने GCC देशों के साथ साझेदारी को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने और ईरान के हमलों से बचाव पर जोर दिया। इससे पहले मार्च 2026 में Operation Epic Fury को लेकर भी GCC देशों के राजदूतों और डिफेंस अटैचियों के साथ गहन चर्चा की गई थी।