पश्चिम एशिया के क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के बीच भारतीय नाविकों के लिए एक दुखद खबर आई है। विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम करने वाले तीन भारतीय नाविकों की इस संघर्ष के दौरान मौत हो गई है और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारत के नौवहन महानिदेशालय (DGS) ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया है कि यह हमले मस्कट और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर हुए हैं। सरकार ने इस घटना के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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किन जहाजों पर हुआ हमला और क्या है ताजा स्थिति?

यह हमले दो अलग-अलग तेल टैंकरों पर हुए हैं जो विदेशी कंपनियों के थे। अधिकारियों के अनुसार, इन जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया था। फिलहाल भारत सरकार की टीमें प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं और घायल नाविकों की मदद के लिए दूतावासों को सक्रिय कर दिया गया है।

  • MKD Vyom: मस्कट के पास ड्रोन बोट हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई।
  • Skylight: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए हमले में दो भारतीयों की जान गई।
  • सुरक्षा दल: कैप्टन पीसी मीणा की अध्यक्षता में एक क्विक रिस्पांस टीम बनाई गई है।

भारत सरकार द्वारा जारी नए नियम और एडवायजरी

नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए महानिदेशालय ने भर्ती करने वाली कंपनियों के लिए नए आदेश जारी किए हैं। अब किसी भी भारतीय नाविक को अगले आदेश तक ईरान में तैनात नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाजों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

विषय जारी निर्देश
भर्ती पर प्रतिबंध ईरान में भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर तुरंत रोक
जहाजों की सुरक्षा ईरानी जलक्षेत्र में किनारे पर जाने और अनावश्यक आवाजाही पर रोक
आर्थिक प्रभाव बीमा और माल ढुलाई की दरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज
भारतीय जहाज 27 भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज

इस संघर्ष का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ सकता है क्योंकि भारत की रसोई गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। शिपिंग बॉडीज ने चेतावनी दी है कि समुद्री रास्ते में बढ़ते खतरों की वजह से आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।