West Asia Conflict: भारत के ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा बुरा असर, गाड़ियों की सप्लाई और दाम बढ़ सकते हैं
West Asia में चल रहा तनाव अब भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन गया है। FADA के प्रेसिडेंट C.S. Vigneshwar ने बताया कि अगर युद्ध लंबा चला तो इसका असर गाड़ियों के उत्पादन और एक्सपोर्ट पर पड़ेगा। इससे आम लोगों के लिए गाड़ियाँ महंगी हो सकती हैं और डिलीवरी में देरी हो सकती है।
गाड़ियों के उत्पादन में क्या दिक्कतें आ सकती हैं?
C.S. Vigneshwar ने बताया कि पश्चिम एशिया के संघर्ष से तेल और एल्युमीनियम जैसे जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित होगी। गाड़ियाँ बनाने वाली कंपनियों और उनके सप्लायर्स को गैस की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर पेंट बूथ और अन्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर पड़ेगा जिससे गाड़ियों का उत्पादन गिर सकता है।
मार्केट और कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
युद्ध की वजह से कच्चे तेल के दाम बढ़ सकते हैं और रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव आ सकता है। माल भेजने का किराया (freight) और इंश्योरेंस का खर्चा भी बढ़ जाएगा। इस वजह से ऑटोमोबाइल डीलर्स के पास स्टॉक कम हो सकता है और ग्राहकों को मिलने वाली छूट में कटौती हो सकती है।
किन चीजों की सप्लाई पर पड़ेगा असर?
| जरूरी सामान | होने वाला असर |
|---|---|
| तेल, पेट्रोल और डीजल | सप्लाई में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी |
| एल्युमीनियम | कच्चे माल की कमी |
| गैस | मैन्युफैक्चरिंग और पेंट बूथ में दिक्कत |
| माल ढुलाई (Freight) | ट्रांसपोर्ट का खर्चा बढ़ेगा |