West Asia Conflict: भारत के टूरिज्म और एविएशन सेक्टर को 18,000 करोड़ का झटका, विदेशियों का आना 20% तक घटा
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने भारत के विमानन, पर्यटन और होटल कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। PHDCCI की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आई है। एविएशन सेक्टर को इस वजह से करीब 18,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
फ्लाइट्स और टिकटों पर क्या असर पड़ा?
हवाई यात्रा महंगी हो गई है और कई फ्लाइट्स रद्द हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय रूट बदलने की वजह से उड़ानों का समय 2 से 4 घंटे बढ़ गया है, जिससे ईंधन का खर्च बढ़ गया है। दुबई ने 31 मई 2026 तक भारतीय एयरलाइंस के लिए एक दिन में सिर्फ एक फ्लाइट की सीमा तय कर दी है। विमानन मंत्रालय ने घरेलू किराए की सीमा हटा दी है, लेकिन बेवजह किराया बढ़ाने पर चेतावनी दी है।
खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और स्थिति
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक करीब 9 लाख 84 हजार भारतीय पश्चिम एशिया से वापस लौट चुके हैं। सरकार ने करीब 2,323 भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्तों से घर पहुँचने में मदद की है। 16 अप्रैल को यूएई और भारत के बीच करीब 100 फ्लाइट्स के चलने की उम्मीद थी ताकि लोगों की सुरक्षित वापसी हो सके।
टूरिज्म और होटल बिजनेस का क्या हाल है?
विदेशी पर्यटकों के आने में बड़ी गिरावट आई है क्योंकि लोग सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। कई ट्रैवल एजेंटों ने बताया कि यूरोपीय ट्रिप्स के लिए बुकिंग्स करीब 50% तक गिर गई हैं। हालांकि, घरेलू पर्यटन अभी भी मजबूत है, जिससे होटलों में भीड़ बनी हुई है, लेकिन बिजली और अन्य खर्च बढ़ने से मुनाफे पर असर पड़ा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| एविएशन सेक्टर का नुकसान | 18,000 करोड़ रुपये |
| इनबाउंड टूरिस्ट में गिरावट | 15-20 प्रतिशत |
| वापस लौटे भारतीय | करीब 9.84 लाख |
| फ्लाइट समय में बढ़ोतरी | 2 से 4 घंटे |
| दुबई फ्लाइट लिमिट | 1 फ्लाइट प्रतिदिन (31 मई तक) |
| रिपोर्ट जारी करने वाली संस्था | PHDCCI |