पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब भारत के खेतों तक पहुंचने लगा है। मध्य प्रदेश के भोपाल सहित कई इलाकों में किसानों को खाद मिलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होने से खाद की उपलब्धता कम हुई है, जिससे आने वाले समय में फसलों की पैदावार और खाने-पीने की चीजों के दामों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि मौजूदा हालात में खाद जुटाना बहुत चुनौतीपूर्ण काम हो गया है।

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खाद की किल्लत पर क्या कहते हैं किसान और एक्सपर्ट्स?

भोपाल के किसानों के अनुसार खाद अब उनके लिए सोने-चांदी की तरह कीमती और दुर्लभ हो गई है। डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की कमी की वजह से कई किसान मजबूरन ब्लैक मार्केट से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। पूर्व कृषि सचिव सिराज हुसैन ने भी चेतावनी दी है कि अगर यह संकट लंबे समय तक चला, तो मानसून की फसल के दौरान उत्पादन पर गहरा असर पड़ेगा। इसके अलावा CRISIL रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि खाद उत्पादन में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

सरकार ने सप्लाई सुधारने के लिए क्या कदम उठाए?

केंद्र सरकार ने खाद की कमी को दूर करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं और दावा किया है कि खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। घरेलू स्तर पर यूरिया का उत्पादन 23 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। सरकार ने रूस और मोरक्को जैसे देशों के साथ भी समझौते किए हैं ताकि खाद की सप्लाई बनी रहे। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया है कि 23 मार्च 2026 तक देश में खाद का स्टॉक इस प्रकार है:

खाद का प्रकार उपलब्ध स्टॉक (लाख मीट्रिक टन)
Urea (यूरिया) 53.08
DAP 21.80
MOP 7.98
NPKS 48.38

गैस सप्लाई और कीमतों पर नया अपडेट

सरकार ने फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए मार्च 2026 में ‘नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ जारी किया है। इसके तहत खाद कारखानों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि उत्पादन न रुके। केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खाद की कालाबाजारी पर लगाम कसी जाए और ‘किसान आईडी’ के जरिए पारदर्शी वितरण सुनिश्चित हो। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि DAP की बोरी की कीमत 1,350 रुपये ही रहेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं डाला जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.