West Asia Conflict Flight Update: पश्चिम एशिया से भारत लौटे 11 लाख से ज़्यादा लोग, UAE से उड़ रहीं रोज़ाना 110 फ्लाइट्स
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से बड़ी संख्या में भारतीय अपने देश वापस लौट रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक करीब 11 लाख 30 हज़ार लोग भारत पहुँच चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने साफ़ किया है कि जिन देशों का हवाई रास्ता खुला है, वहां से फ्लाइट्स का संचालन लगातार जारी है।
फ्लाइट्स और यात्रा की ताज़ा स्थिति क्या है?
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव Aseem Mahajan ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को UAE से भारत के लिए करीब 110 फ्लाइट्स के उड़ने की उम्मीद थी। वहीं Qatar Airways की 10 से 11 फ्लाइट्स भारत के अलग-अलग शहरों के लिए उड़ान भरेंगी। एयरलाइंस सुरक्षा और ऑपरेशनल कारणों को देखते हुए सीमित कमर्शियल फ्लाइट्स चला रही हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित पहुँचाया जा सके।
DGCA ने यात्रा के लिए क्या नियम और गाइडलाइन जारी की हैं?
DGCA ने सुरक्षा कारणों से मार्च में एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें Bahrain, Iran, Iraq, Israel, Jordan, Kuwait, Lebanon, Qatar और UAE के एयरस्पेस से बचने को कहा गया था। Oman और Saudi Arabia के ऊपर उड़ने वाली फ्लाइट्स के लिए नियम बनाया गया कि वे 32,000 फीट से नीचे न उड़ें। भारतीय दूतावासों ने प्रवासियों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन और एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी बनाया है।
तनाव का एविएशन सेक्टर और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?
इस संघर्ष की वजह से भारत के पर्यटन और हवाई यात्रा क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट के अनुसार एविएशन सेक्टर को लगभग 18,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और भारत आने वाले टूरिस्टों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। रूट बदलने और ईंधन की ज़्यादा खपत के कारण एयरलाइंस का खर्चा भी काफी बढ़ गया है।
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
|---|---|
| कुल लौटे यात्री (28 फरवरी से) | 11.3 लाख |
| UAE से दैनिक फ्लाइट्स (20 अप्रैल) | लगभग 110 |
| Qatar Airways की फ्लाइट्स | 10 से 11 |
| एविएशन सेक्टर को नुकसान | ₹18,000 करोड़ |
| टूरिस्ट ट्रैफिक में गिरावट | 15-20% |
| प्रतिबंधित एयरस्पेस वाले देश | 9 देश |
| सुरक्षित ऊंचाई (Oman/Saudi) | 32,000 फीट से ऊपर |