उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला एक मर्चेंट नेवी नाविक शिवेंद्र कुमार चौरसिया पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित घर लौट आया है. उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कैसे समुद्र में धमाकों के बीच उनकी जान खतरे में थी. यह खबर उन हजारों भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो विदेशी समुद्रों में काम करते हैं.

नाविक शिवेंद्र ने क्या बताया अपना अनुभव?

शिवेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि वह 2014 से जहाजों पर काम कर रहे हैं. दिसंबर में जब उन्होंने नए जहाज पर जॉइन किया, तब क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगे थे. 28 फरवरी 2026 को जहाज के पास धमाके शुरू हुए और 3 मार्च को एक बड़ा विस्फोट हुआ जिससे चालक दल में दहशत फैल गई. इस तनाव के कारण नाविकों की नींद उड़ गई थी और वे लगातार युद्धविराम की खबरों का इंतज़ार करते रहे. सुरक्षा के लिए कप्तान ने DG Shipping को वीडियो भेजकर जानकारी दी थी.

भारत सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए क्या किया?

भारत सरकार का विदेश मंत्रालय और पत्तन, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. भारतीय नौसेना ने नाविकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत युद्धपोत तैनात किए हैं. विदेश मंत्रालय ने ईरान जाने वाले भारतीयों के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए. सरकार और राजनयिक मिशनों के बीच लगातार तालमेल बना रहा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके.

कितने भारतीय नाविक सुरक्षित घर लौटे?

सरकार ने युद्ध क्षेत्र से भारतीय नाविकों को वापस लाने के लिए तेज़ी से काम किया है. Directorate General of Shipping ने एक क्विक रिस्पांस टीम बनाई थी जो निकासी और सहायता का काम देख रही थी. हाल के दिनों में वापस लौटे नाविकों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है.

तारीख 24 घंटे में वापस लौटे नाविक कुल वापस लौटे नाविक
8 अप्रैल 2026 63 1,754
10 अप्रैल 2026 124 1,927
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com