केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया संकट के कारण विमानन क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चल रहे युद्ध की वजह से तेल और Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमतों पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार की पूरी कोशिश है कि इसका बोझ यात्रियों पर न डाला जाए। मंत्रालय इस दिशा में लगातार एयरलाइंस और अन्य संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर रहा है ताकि उड़ानों का संचालन सुचारू रूप से चलता रहे।

हवाई किराए और उड़ानों पर क्या होगा प्रभाव?

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते अब तक 5,500 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इसमें भारतीय एयरलाइंस की 4,335 और विदेशी कैरियर की 1,187 उड़ानें शामिल हैं। भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ानों के किराए में मार्च की शुरुआत से 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने किराए को नियंत्रित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर न पड़े।

यात्रियों की सुविधा के लिए उठाए गए जरूरी कदम

नियम/अपडेट मुख्य विवरण
फ्री सीट आवंटन हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटें मुफ्त सिलेक्शन के लिए उपलब्ध होंगी।
एयरस्पेस एडवाइजरी DGCA ने एयरलाइंस को कुछ खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है।
किराया कैपिंग घरेलू रूट पर दूरी के आधार पर अधिकतम किराया सीमा पहले से लागू है।
सुरक्षा उपाय सुरक्षित एयरस्पेस उपलब्ध होने पर ही विमानों का संचालन किया जाएगा।

विमानन मंत्री ने संसद में बताया कि संकट के बीच अब तक 2.19 लाख से अधिक यात्री भारत आ चुके हैं। ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंधों के कारण एयर इंडिया जैसी कंपनियों को वैकल्पिक और लंबे रूट अपनाने पड़ रहे हैं। इसके लिए सरकार ने ड्यूटी नियमों में कुछ अस्थायी राहत भी प्रदान की है। मंत्रालय पेट्रोलियम और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि यात्रियों को न्यूनतम परेशानी हो।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com