पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही है। इस संकट का भारत के समुद्री व्यापार, जहाजों की सुरक्षा और तेल के दामों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर चर्चा करने के लिए संसद की एक बड़ी कमेटी की बैठक बुलाई गई है। 25 मई 2026 यानी सोमवार को होने वाली इस बैठक में कई मंत्रालयों के बड़े अधिकारी हिस्सा लेंगे और देश के हितों की रक्षा के उपायों पर बात करेंगे।
संसदीय समिति की बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस बैठक की अध्यक्षता जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और कमेटी के चेयरमैन संजय कुमार झा कर रहे हैं। बैठक में मुख्य रूप से शिपिंग मंत्रालय के सचिव से पश्चिम एशिया संकट के असर पर उनकी राय ली जाएगी। इस चर्चा का मुख्य एजेंडा भारतीय समुद्री व्यापार, शिपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। राज्यसभा सचिवालय की ओर से 20 मई 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, इस बैठक में विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे ताकि हर पहलू पर बारीकी से विचार किया जा सके।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की रणनीति पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 24 मई 2026 को इस गंभीर मुद्दे पर भारत का रुख साफ किया था। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों के साथ भारत के रिश्ते बेहद मजबूत और ऐतिहासिक हैं। भारत इस क्षेत्र में पूरी तरह से शांति और स्थिरता चाहता है। विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत समुद्री व्यापार को सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के जारी रखने का पक्षधर है, ताकि तेल और ऊर्जा बाजारों में कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव न आए और आम लोगों पर महंगाई का बोझ न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका, इजरायल, ईरान और खाड़ी देशों के साथ अपने अच्छे संबंधों का इस्तेमाल अपने हितों की सुरक्षा के लिए कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संसदीय समिति की बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हो रही है?
यह बैठक सोमवार, 25 मई 2026 को आयोजित की गई है, जिसकी अध्यक्षता जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय कुमार झा कर रहे हैं।
इस बैठक में कौन-कौन से सरकारी विभाग हिस्सा ले रहे हैं?
बैठक में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के साथ-साथ विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।