पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार देश के समुद्री व्यापार और वहां मौजूद नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर है। सोमवार, 25 मई 2026 को संसद की एक बड़ी कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें पश्चिम एशिया संकट और उसके भारतीय व्यापार पर पड़ने वाले असर पर गंभीरता से चर्चा की गई। इस बैठक में बताया गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण भारत के 13 जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि वहां मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।

संसद की बैठक में नाविकों की सुरक्षा और जहाजों पर क्या हुई चर्चा?

ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर पर बनी संसद की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान निम्नलिखित मुख्य बातों पर चर्चा की गई:

  • दीर्घकालिक योजना की जरूरत: संजय झा ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कब खत्म होगा, इस पर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। इसलिए सरकार को इस संकट से निपटने के लिए एक मजबूत और लंबी अवधि की योजना पर काम करना होगा।
  • सभी भारतीय नाविक सुरक्षित: शिपिंग मंत्रालय ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया के संकटग्रस्त क्षेत्रों में काम करने वाले सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट: बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं।

ऊर्जा संकट और खेती पर पड़ने वाले असर पर भी हुई बात

इस संकट का असर केवल जहाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के घरेलू बाजारों पर भी इसका असर पड़ सकता है। बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण भारत में आगामी बुवाई के सीजन से पहले खाद और ईंधन की आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है।

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव असीम महाजन और पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार भी इस बैठक में मौजूद रहे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले भी स्पष्ट किया था कि खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत के लिए बेहद जरूरी है ताकि भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा बनी रहे और देश को सही कीमतों पर ऊर्जा संसाधन मिलते रहें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत के कितने जहाज वहां फंसे हुए हैं?

अधिकारियों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण भारत के 13 जहाज अभी भी पश्चिम एशिया क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

क्या पश्चिम एशिया में काम करने वाले भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?

हां, शिपिंग मंत्रालय ने संसदीय समिति की बैठक में स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।

संसदीय समिति की इस बैठक की अध्यक्षता किसने की?

इस बैठक की अध्यक्षता ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कल्चर की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय झा ने की।