पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। 28 फरवरी से अब तक करीब 11.91 लाख यात्रियों को सुरक्षित तरीके से भारत वापस लाया गया है। विदेश मंत्रालय ने साफ़ किया है कि जहाँ हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से फ्लाइट्स का संचालन जारी है ताकि प्रवासियों को घर लौटने में कोई परेशानी न हो।
किन देशों से चल रही हैं फ्लाइट्स और क्या है ताजा स्थिति?
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि UAE, Saudi Arabia और Oman के कई हवाई अड्डों से भारत के लिए उड़ानें लगातार चल रही हैं। कतर का हवाई क्षेत्र भी आंशिक रूप से खुला है और वहां से फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है। Qatar Airways भारत के लिए 10 से 11 सेवाएं चलाने की तैयारी में है।
बहरीन में हवाई क्षेत्र खुला होने के बाद Gulf Air सीमित उड़ानें शुरू कर रही है। यह एयरलाइन सऊदी अरब के दम्माम से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए गैर-निर्धारित कमर्शियल फ्लाइट्स भी चला रही है। वहीं Oman Air ने 21 अप्रैल 2026 से नया शेड्यूल लागू किया है, जिससे मुंबई, कोझिकोड और ढाका के लिए ज़्यादा उड़ानें उपलब्ध होंगी।
DGCA के नए नियम और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम हैं?
DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और UAE सहित नौ देशों के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बचें। हालांकि, सऊदी अरब और ओमान के ऊपर से उड़ानें चलाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए शर्त है कि विमान 32,000 फीट की ऊंचाई से नीचे न उड़ें।
- विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे चलने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया है।
- प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत क्षेत्र के सभी देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
- ईरानी अधिकारियों के साथ भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही पर चर्चा जारी है।
हज यात्रा और तीर्थयात्रियों की रवानगी की क्या स्थिति है?
भारत से हज यात्रा 18 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में 22 अप्रैल को लखनऊ से सऊदी अरब के लिए हज उड़ानें शुरू हुईं, जिससे 427 हाजी रवाना हुए। उत्तर प्रदेश से कुल 17,065 तीर्थयात्रियों को 22 अप्रैल से 2 मई के बीच 14 उड़ानों के जरिए सऊदी अरब भेजा जाएगा।
