भारत सरकार पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) दूसरे देशों के साथ मिलकर वैकल्पिक ट्रांजिट रूट तैयार कर रहा है ताकि नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके। अब तक लाखों भारतीय सुरक्षित घर लौट चुके हैं और सरकार ने मदद के लिए कई कंट्रोल रूम भी बनाए हैं।
फ्लाइट्स और वापसी के लिए क्या हैं नए इंतजाम
संयुक्त सचिव असीम महाजन ने जानकारी दी है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लगभग 85 उड़ानें भारत के लिए चलाई जा रही हैं। इसके अलावा ओमान और सऊदी अरब से भी भारतीयों को लाने का काम जारी है। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहां से सीमित संख्या में कमर्शियल उड़ानें चल रही हैं।
- UAE से भारत के लिए 85 उड़ानें संचालित हो रही हैं।
- सऊदी अरब, जॉर्डन और आर्मेनिया के जरिए नए रास्ते सक्रिय किए गए हैं।
- कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां से लोगों को सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट के रास्ते लाया जा रहा है।
- ईरान में फंसे भारतीयों के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्तों का इस्तेमाल हो रहा है।
- जॉर्डन के रास्ते इजरायल में मौजूद भारतीयों को वापस लाने में मदद की जा रही है।
अब तक कितने भारतीय वापस आए और क्या है ताजा स्थिति
आंकड़ों के अनुसार 23 मार्च 2026 तक लगभग 3.75 लाख भारतीय नागरिक पश्चिम एशिया के प्रभावित इलाकों से सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। सरकार ने दिल्ली और खाड़ी देशों के दूतावासों में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं ताकि मुसीबत में फंसे लोग किसी भी समय मदद मांग सकें। एयरलाइंस सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित और नॉन-शेड्यूल उड़ानें चला रही हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल वापस आए भारतीय | 3,75,000 (23 मार्च 2026 तक) |
| UAE से चलने वाली फ्लाइट्स | 85 |
| ट्रांजिट के लिए इस्तेमाल देश | आर्मेनिया, जॉर्डन, सऊदी अरब, अज़रबैजान |
| कंट्रोल रूम की स्थिति | नई दिल्ली और स्थानीय दूतावासों में 24 घंटे सक्रिय |
| हवाई क्षेत्र की स्थिति | कुवैत, इराक और बहरीन में फिलहाल बंद |
सरकार का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीय समुदाय की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित घर वापसी है। विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहा है और जरूरत के हिसाब से फ्लाइट्स के रूट में बदलाव किए जा रहे हैं।
