West Bank के कई इलाकों में 29 अप्रैल की सुबह इजराइली बलों ने अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कुल 14 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया गया है। इस वजह से कई शहरों में आवाजाही रुक गई और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

किन इलाकों में हुई गिरफ्तारी और कौन-कौन पकड़ा गया?

इजराइली सैनिकों ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर लोगों को हिरासत में लिया। इसकी पूरी जानकारी इस प्रकार है:

  • Qalqilya: यहाँ कफर कद्दूम इलाके में तीन भाइयों और उनके एक बेटे को पकड़ा गया।
  • Tulkarem: यहाँ के इक्ताबा इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • Hebron: यहाँ के बीत उम्मर इलाके में सबसे ज़्यादा कार्रवाई हुई और आठ लोगों को हिरासत में लिया गया।

रास्तों पर क्या हालात रहे और क्या पाबंदियां लगीं?

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान उत्तरी West Bank में आने-जाने पर सख्त पाबंदियां लगाई गईं। Ramallah के पास के चेकपॉइंट्स को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। कई जगहों पर पुलिस और सैनिकों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियां जाम में फंस गईं। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में काफी परेशानी हुई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया रही?

West Bank में बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की डिप्टी हाई कमिश्नर नाडा अल-नशीफ ने 16 अप्रैल 2026 को बयान दिया कि यहाँ इजराइल की नीतियां भेदभाव और हिंसा पर आधारित हैं। इसके अलावा, फरवरी 2026 में भारत समेत 100 से ज़्यादा देशों ने इजराइल के उन फैसलों की निंदा की थी, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

West Bank में हाल ही में कितनी गिरफ्तारियां हुईं?

29 अप्रैल को इजराइली बलों ने छापेमारी के दौरान कुल 14 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया, जिनमें Hebron से 8, Qalqilya से 4 और Tulkarem से 2 लोग शामिल थे।

आम लोगों पर इस कार्रवाई का क्या असर पड़ा?

Ramallah के चेकपॉइंट बंद होने और आंसू गैस के इस्तेमाल से सैकड़ों गाड़ियां जाम में फंस गईं, जिससे आम नागरिकों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।