West Bank में इस्राइली Settlers के हमलों ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, हर दिन आ रहे 6 से ज़्यादा मामले

कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इस्राइली सेटलर्स यानी बस्तियों में रहने वाले लोगों के हमलों ने इस साल सारी हदें पार कर दी हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि हर दिन औसतन 6.6 ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिनमें लोगों को चोट लग रही है या संपत्ति का भारी नुकसान हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ यानी UN Office for the Coordination of Humanitarian Affairs (OCHA) के आंकड़ों से यह बात सामने आई है कि हिंसा का यह मौजूदा दौर पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। आम लोगों के लिए हालात दिन-प्रतिदिन बहुत ज्यादा मुश्किल और डरावने होते जा रहे हैं।
इस साल अब तक दर्ज हुई मौतों के आंकड़े और भौगोलिक बदलाव
आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 तक सेटलर्स की हिंसा की वजह से कम से कम 15 फलस्तीनियों की जान जा चुकी है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। इस रफ्तार को देखकर ऐसा लग रहा है कि साल 2023 के पुराने रिकॉर्ड को यह साल पीछे छोड़ देगा जब कुल 16 मौतें दर्ज हुई थीं। इसके अलावा 20 जुलाई 2026 तक OCHA ने कुल 18 मौतें ऐसी दर्ज कीं जो सेटलर्स से जुड़ी घटनाओं में हुईं। इनमें तीन मौतें इस्राइली सेना की कार्रवाई के दौरान हुईं जबकि तीन अन्य मौतों की जिम्मेदारी को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है और विवाद बना हुआ है।
साल 2026 के पहले छह महीनों में इस्राइली अधिकारियों ने कुल 636 सेटलर से जुड़ी घटनाओं को दर्ज किया। इससे पहले साल 2025 में ऐसी 867 घटनाएं और साल 2024 में 682 घटनाएं सामने आई थीं। इस्राइली मानवाधिकार संगठन Yesh Din की एक रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि हिंसा के मामलों में एक बड़ा भौगोलिक बदलाव आया है। अब करीब दो-तिहाई हिंसा उन इलाकों में हो रही है जिन्हें एरिया ए और बी कहा जाता है और जो फलस्तीनी प्रशासन के नियंत्रण में आते हैं।
बस्तियों का विस्तार और विस्थापन का संकट
जनवरी 2023 से लेकर अब तक हिंसा के इस माहौल की वजह से कुल 107 फलस्तीनी बस्तियां पूरी तरह या आंशिक रूप से खाली हो चुकी हैं। इन बस्तियों में रहने वाले कुल 5,900 लोगों को अपना घर-बार छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch (HRW) ने 20 अगस्त 2026 को जारी अपने बयान में साफ कहा कि इस्राइली सरकार की तरफ से मिल रहा वित्तीय और कानूनी समर्थन ही इस तरह के विस्थापन को बढ़ावा दे रहा है।
इस बीच, 21 अगस्त 2026 को इस्राइल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने रक्षा मंत्री Israel Katz को चेतावनी दी थी कि सेटलर्स की ये गतिविधियां इलाके में बड़े पैमाने पर भयंकर हिंसा को भड़का सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कड़ी आलोचना हो रही है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख António Guterres ने वेस्ट बैंक में सभी इस्राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। ब्रिटेन सरकार ने भी इस्राइल से यह मांग की है कि वह फलस्तीनी आबादी की सुरक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी निभाए और बस्तियों के विस्तार को तुरंत रोके। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप UK government statement at the UN Security Council पर जा सकते हैं। इन सबके बीच इस्राइली सरकार ने 18 अगस्त 2026 को ई-वन बस्ती परियोजना के लिए नए निर्माण टेंडरों का ऐलान कर दिया, जिससे फ्रांस और जापान समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय देशों की चिंताएं और तनाव दोनों काफी बढ़ गए हैं।