वेस्ट बैंक के जलूद गाँव में इसराइली सेटलर्स ने एक फलास्तीनी परिवार के घर में आग लगा दी. इस हमले के दौरान घर के अंदर लोग मौजूद थे, जिन्हें जबरन बाहर निकाला गया. इलाके में हिंसा बढ़ गई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
जलूद गाँव में हमला और नुकसान की क्या जानकारी है?
- घटना की तारीख: यह हमला 27 अप्रैल 2026 को हुआ, जिसकी जानकारी 28 अप्रैल को सामने आई.
- पीड़ित: उम शादी अल-तुबासी नाम की महिला ने बताया कि हमलावरों ने उनके घर में घुसकर आग लगा दी और परिवार को बाहर निकाल दिया.
- घायल: स्थानीय मेडिक बशर अल-करीयूती के मुताबिक 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
- बच्चों पर हमला: एक 14 साल के लड़के को बुरी तरह पीटा गया और उस पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया गया.
इस घटना पर आधिकारिक बयान और कार्रवाई क्या रही?
इसराइली सेना ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सैनिकों को जलूद गाँव भेजा गया था. सेना ने भीड़ को हटाने के लिए भीड़ नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किया और मौके पर मौजूद नागरिकों से पूछताछ की. इसराइली पुलिस ने पुष्टि की है कि इस मामले में एक इसराइली नागरिक को गिरफ्तार किया गया है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इस स्थिति को बहुत चिंताजनक बताया है. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने 21 अप्रैल को ही एक बयान जारी कर इस तरह के हमलों की निंदा की थी और इसे आतंकवाद करार दिया था.
इलाके में हिंसा बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस तरह की हिंसा फलास्तीनी समुदायों को उनकी जमीन से हटाने के लिए की जाती है. जलूद गाँव काउंसिल के प्रमुख राएद अल-नासेर ने बताया कि बस्ती विस्तार के लिए गाँव की लगभग 17,000 डूनम जमीन जब्त की जा चुकी है. इस तनाव के बीच पूरे वेस्ट बैंक में गिरफ्तारियां और हमले जारी हैं.