West Bank के Khirbet al-Marajim में रहने वाले Masallam परिवार के साथ जो हुआ उसने सबको झकझोर कर रख दिया है. इसराइली सेटलर्स ने उनके घर में आग लगा दी जिसमें 18 महीने के Musa और 6 महीने की Mira नाम के छोटे बच्चे फंस गए थे. यह परिवार अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहा है लेकिन उन पर लगातार हमले हो रहे हैं.

Masallam परिवार पर हमलों और इसराइली सेना की भूमिका का सच क्या है?

Masallam परिवार का आरोप है कि इसराइली सेटलर्स ने उनके घरों को आग लगाया, गोलियां चलाईं और उनकी संपत्ति को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. परिवार के सदस्य Thabet Masallam का कहना है कि इसराइली सेना घटनाओं के बाद बहुत देर से पहुंची और सैनिकों ने हमलावरों को वहां से जाते हुए देखा. परिवार का यह भी दावा है कि सेना और सेटलर्स एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, हालांकि इसराइली सेना ने Al Jazeera के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया.

West Bank में विस्थापन और मानवाधिकारों की स्थिति क्या है?

  • OCHA की रिपोर्ट: जनवरी 2023 से 22 अप्रैल 2026 के बीच कम से कम 5,879 फिलिस्तीनियों को 116 समुदायों से जबरन हटाया गया.
  • मिटाए गए गांव: सेटलर्स के कब्जे के कारण अब तक 45 समुदाय पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं.
  • UN विशेषज्ञों की चेतावनी: मार्च 2026 में UN विशेषज्ञों ने इसे जातीय सफाया (ethnic cleansing) और कब्जा करने का अभियान बताया.
  • मानवाधिकार संगठन: PCHR और APF ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसराइली सेना को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हिंसा को रोकने के लिए कौन से नियम हैं?

अमेरिका ने 1 फरवरी 2024 को Executive Order 14115 लागू किया था. इस नियम के तहत उन लोगों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं जो West Bank में हिंसा, संपत्ति के विनाश और आम नागरिकों को जबरन हटाने के जिम्मेदार होते हैं. वहीं, X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी संकट के समय गलत जानकारियों को रोकने के लिए अपनी नीतियां लागू करते हैं ताकि सही जानकारी लोगों तक पहुंच सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Masallam परिवार को किस तरह के हमलों का सामना करना पड़ा?

परिवार ने घर में आग लगाने, लाइव राउंड गोलियां चलाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे हमलों का सामना किया, जिसमें उनके छोटे बच्चे भी फंस गए थे.

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने West Bank की स्थिति पर क्या कहा है?

UN विशेषज्ञों ने मार्च 2026 में इसराइल के जातीय सफाई अभियान और कब्जे की कड़ी निंदा की और सुरक्षा बलों व सेटलर्स द्वारा बढ़ रही हिंसा पर चिंता जताई.