वेस्ट बैंक के Masafer Yatta में स्कूली बच्चों के लिए पढ़ाई करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। यहाँ इसराइली सैनिकों और बसने वालों ने स्कूल जाने वाले इकलौते सुरक्षित रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया है। हालात इतने खराब हैं कि शिक्षकों को बाड़ के पास ही बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है और माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के हक के लिए सड़क पर उतर आए हैं।

बच्चों को स्कूल जाने से क्यों रोका गया?

Um al-Khair School के बच्चों को पिछले सात दिनों से स्कूल जाने से रोका गया है। इसराइली बसने वालों ने रास्ते में कांटेदार तार और बाड़ लगा दिए हैं, जिससे रास्ता बंद हो गया है। 19 अप्रैल को जब बच्चों ने इस बात का शांति से विरोध किया, तो इसराइली सैनिकों ने उन्हें वहां से हटा दिया। इससे पहले 14 अप्रैल को भी बच्चों पर आंसू गैस छोड़ी गई थी जब वे अपनी क्लास में वापस जाने की कोशिश कर रहे थे।

अधिकारियों और संस्थाओं ने क्या कहा है?

Yatta Education Directorate के अधिकारियों के मुताबिक, करीब 51 से 55 छात्र इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह जानबूझकर शिक्षा को रोकने की कोशिश है। वहीं, B’Tselem मानवाधिकार समूह ने इसे ज़मीन हड़पने का एक तरीका बताया है। दूसरी तरफ, इसराइली सेना (IDF) का दावा है कि उन्होंने केवल भीड़ को हटाने के लिए कदम उठाए थे और बच्चों को निशाना नहीं बनाया गया।

मुख्य जानकारी विवरण
प्रभावित स्कूल Um al-Khair School
जगह Masafer Yatta, वेस्ट बैंक
विरोध की तारीख 14 और 19 अप्रैल, 2026
प्रभावित छात्र 51 से 55 बच्चे
रोका गया रास्ता कांटेदार तारों और बाड़ से बंद
IDF का दावा सिर्फ भीड़ को हटाया गया
मानवाधिकार समूह का विचार ज़मीन खाली कराने की कोशिश
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.