वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों का बढ़ा जाल, फिलिस्तीनी आयोग ने दी जानकारी और हिंसा में हुई बढ़ोतरी.

Aanya23 August 20262 min read50 viewsWorld
वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों का बढ़ा जाल, फिलिस्तीनी आयोग ने दी जानकारी और हिंसा में हुई बढ़ोतरी.

फिलीस्तीनी सरकारी निकाय Wall and Settlement Resistance Commission ने हाल ही में वेस्ट बैंक में अवैध इजरायली बस्तियों और आउटपोस्ट को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अब वेस्ट बैंक में कुल 592 अवैध इजरायली बस्तियां और आउटपोस्ट मौजूद हैं। आम जनता और पाठकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस कुल संख्या में 192 अवैध बस्तियां और 400 आउटपोस्ट शामिल हैं, जिनमें से 231 को विशेष रूप से पास्चरल आउटपोस्ट के रूप में पहचाना गया है। इस पूरी स्थिति को समझने के लिए जमीनी आंकड़ों पर गौर करना बेहद जरूरी है।

वेस्ट बैंक में जनसंख्या और इजरायली नियंत्रण के आंकड़े

जुलाई 2026 के अंत तक, वेस्ट बैंक और occupied East Jerusalem में कुल इजरायली सेटलर की आबादी लगभग 780,000 तक पहुंच चुकी है। इसमें से 333,600 लोग अकेले जेरूसलम में रह रहे हैं, जबकि 446,400 लोग वेस्ट बैंक के बाकी हिस्सों में निवास करते हैं। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल का नियंत्रण वेस्ट बैंक के लगभग 42% हिस्से पर बना हुआ है। इसके अलावा, इसमें फिलिस्तीनी जॉर्डन वैली का 91% और एरिया सी का 71% हिस्सा भी शामिल है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।

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हिंसा और हमलों के बढ़ते आंकड़े

आयोग द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से यह बात सामने आती है कि वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में सेटलर के हमलों के कारण 25 फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। साल 2019 के बाद से यह किसी एक साल में सबसे बड़ा सालाना मौत का आंकड़ा है। जब से गाजा पट्टी में संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक सेटलर के हमलों में 61 फिलिस्तीनियों की जान चली गई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी UN Office for the Coordination of Humanitarian Affairs ने यह दर्ज किया है कि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 1,330 से ज्यादा सेटलर हमले हुए। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन 6 घटनाएं सामने आईं और इन सात महीनों के दौरान 2,300 से अधिक फिलिस्तीनियों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। इस संदर्भ में आप ReliefWeb Report पर पूरी जानकारी देख सकते हैं।

E1 प्रोजेक्ट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

विवाद तब और अधिक गहरा गया जब इजरायली हाउसिंग मिनिस्ट्री ने 18 अगस्त 2026 को E1 project के तहत 1,234 हाउसिंग यूनिट्स के लिए टेंडर जारी किया। यह कुल स्वीकृत 3,401 यूनिट्स का एक तिहाई हिस्सा है और इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है। इस योजना को लेकर यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और नीदरलैंड जैसे अंतरराष्ट्रीय देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है और चेतावनी दी है कि इससे वेस्ट बैंक के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे तथा दो-राज्य समाधान को भारी नुकसान पहुंचेगा। इसके साथ ही, इजरायली आर्मी मिनिस्टर Israel Katz के उस हालिया निर्देश पर भी चिंता जताई गई है जिसमें सेटर्स से जुड़े सिविल लॉ-एन्फोर्समेंट अधिकार इजरायली पुलिस को सौंपने की बात कही गई है।

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