West Bank के Umm al-Khair गांव में बच्चों के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो गया है. Israeli settlers ने रातों-रात स्कूल जाने वाले रास्ते पर कांटेदार तार की बाड़ लगा दी. इस वजह से बच्चों और गांव वालों ने 19 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक विरोध प्रदर्शन किया. छोटे बच्चों को अब स्कूल पहुंचने के लिए लंबे और खतरनाक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

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बच्चों के स्कूल जाने में क्या दिक्कत आई और उन्होंने क्या किया?

Umm al-Khair के बच्चे अपने स्कूल जाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल करते थे, उसे बंद कर दिया गया है. यह रास्ता साल 1980 से इस्तेमाल हो रहा था और नक्शों में भी दर्ज था. जब बच्चों ने स्कूल जाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद Israeli soldiers ने आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. इसके बाद बच्चों ने बाड़ के पास पत्थरों पर बैठकर “Umm al-Khair Freedom School” चलाया और वहीं अपनी पढ़ाई जारी रखी.

इस घटना पर अलग-अलग पक्षों के क्या दावे हैं?

इस मामले को लेकर गांव वालों और Israeli अधिकारियों के बीच अलग-अलग बातें सामने आई हैं. नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:

पक्ष मुख्य बात
Village Council रास्ता 1980 से इस्तेमाल हो रहा था, दूसरा रास्ता खतरनाक है.
Israeli Military (IDF) बड़ों पर भीड़ हटाने के तरीके अपनाए, बच्चों को निशाना नहीं बनाया.
Yesha Council Carmel निवासियों की सुरक्षा के लिए बाड़ लगाई गई है.
UN Human Rights सरकार बसने वालों (settlers) को खुली छूट दे रही है.
शिक्षक Tareq Hathaleen शिक्षा सबका अधिकार है, रास्ता रोकना गलत है.
गांव के लोग बाड़ बिना किसी आधिकारिक अनुमति के लगाई गई है.
Palestinians शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन बाड़ अब तक नहीं हटाई गई.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.