पश्चिम बंगाल की औसग्राम विधानसभा सीट से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है. यहाँ भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार कलिता माझी ने बड़ी जीत हासिल की है. कभी दूसरों के घरों में काम करने वाली कलिता माझी अब विधायक बन चुकी हैं. उनकी यह जीत आम लोगों के लिए एक बड़ी मिसाल बन गई है.
कलिता माझी की जीत के आंकड़े क्या हैं?
औसग्राम विधानसभा सीट के लिए 4 मई 2026 को वोटों की गिनती हुई. कलिता माझी ने चुनाव में कुल 1,07,692 वोट हासिल किए. उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 मतों के अंतर से हराया. चुनाव आयोग ने इसी दिन उनकी जीत की आधिकारिक घोषणा की थी.
कौन हैं कलिता माझी और क्या था उनका संघर्ष?
विधायक बनने से पहले कलिता माझी एक घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थीं. वह हर महीने करीब 2,500 से 4,000 रुपये कमाती थीं और उनके पति प्लंबर का काम करते हैं. उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में भी इसी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें तृणमूल कांग्रेस के अभेदानंद थांडर से 11,815 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. भाजपा ने उनके जमीनी जुड़ाव को देखते हुए 2026 में उन्हें दोबारा मौका दिया.
जीत के बाद उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं?
कलिता माझी ने अपनी जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, भ्रष्टाचार को रोकने और गरीब तबकों के उत्थान जैसे मुद्दों को उठाया था. अब उनकी पहली प्राथमिकता अपने गांव में एक अस्पताल का निर्माण करवाना और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
कलिता माझी ने किस पार्टी से और कितनी सीटों से जीत हासिल की?
कलिता माझी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर पश्चिम बंगाल की औसग्राम विधानसभा सीट से जीत दर्ज की.
कलिता माझी की आर्थिक पृष्ठभूमि क्या थी?
वह एक घरेलू सहायिका थीं और महीने का लगभग 2,500 से 4,000 रुपये कमाती थीं, जबकि उनके पति प्लंबर का काम करते थे.