पश्चिम बंगाल में आरक्षण की पूरी व्यवस्था बदल गई है। शुभेंदु सरकार ने ओबीसी आरक्षण नीति में बड़े बदलाव करते हुए मुस्लिम समुदायों को मिलने वाले लाभों को खत्म कर दिया है। यह फैसला कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिससे अब राज्य की नौकरियों और सेवाओं में आरक्षण का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
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OBC आरक्षण में क्या बदलाव हुए और किसे फायदा मिला?
सरकार ने ओबीसी आरक्षण के पुराने ढांचे को पूरी तरह खत्म कर दिया है। पहले आरक्षण को कैटेगरी-ए (10%) और कैटेगरी-बी (7%) में बांटा गया था, लेकिन अब इन दोनों को मिलाकर कुल आरक्षण को 17% से घटाकर सिर्फ 7% कर दिया गया है।
इस नई नीति के तहत 2010 से पहले की सूची में शामिल 66 समुदायों को नियमित किया गया है। अब इन 66 समुदायों को ही सरकारी नौकरियों में 7% आरक्षण का लाभ मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से ये समुदाय शामिल हैं:
- कपाली और कुर्मी
- नाई (नापित) और तांती
- धनुक, कसाई और खंडायत
- तुरहा और देवांग जैसे पारंपरिक हिंदू समुदाय
मुस्लिम समुदायों का आरक्षण क्यों हटाया गया?
यह पूरा बदलाव कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 मई 2024 के आदेश के बाद हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि 77 समुदायों (जिनमें 75 मुस्लिम समुदाय थे) को धर्म के आधार पर ओबीसी दर्जा देना अवैध और असंवैधानिक है। इसी आदेश का पालन करते हुए शुभेंदु सरकार ने अधिकांश मुस्लिम समुदायों का ओबीसी लाभ तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
हालांकि, नई सूची में तीन मुस्लिम समुदायों को अभी भी पिछड़ा वर्ग में रखा गया है, जो इस प्रकार हैं:
- पहाड़िया
- हज्जाम
- चौदुली
इसके साथ ही, पिछली ममता बनर्जी सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अब शुभेंदु सरकार ने उस याचिका को वापस लेने का फैसला किया है।
प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन और भत्तों पर रोक
सरकार ने केवल आरक्षण ही नहीं बदला, बल्कि पुराने दस्तावेजों की जांच के आदेश भी दिए हैं। राज्य सरकार ने 2011 से अब तक जारी किए गए लगभग 1.69 करोड़ जाति प्रमाण पत्रों के पुन:सत्यापन (Re-verification) का निर्देश दिया है।
साथ ही, 18 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में धर्म के आधार पर चलने वाली सभी कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत इमामों और मुअज्जिनों को मिलने वाले भत्ते भी अगले महीने से बंद कर दिए जाएंगे।
| विवरण | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था |
|---|---|---|
| कुल OBC आरक्षण | 17% (10% A + 7% B) | 7% (एकल श्रेणी) |
| मान्यता प्राप्त समुदाय | विभिन्न श्रेणियों में विभाजित | 66 नियमित समुदाय |
| मुस्लिम समुदाय लाभ | 75 समुदायों को लाभ | सिर्फ 3 समुदायों को लाभ |
Frequently Asked Questions (FAQs)
पश्चिम बंगाल में अब OBC आरक्षण कितने प्रतिशत है?
शुभेंदु सरकार ने कुल ओबीसी आरक्षण को 17% से घटाकर अब 7% कर दिया है।
किन मुस्लिम समुदायों को अभी भी आरक्षण मिलेगा?
नई सूची के अनुसार केवल तीन मुस्लिम समुदाय, पहाड़िया, हज्जाम और चौदुली, अभी भी पिछड़ा वर्ग में शामिल हैं।
जाति प्रमाण पत्रों का क्या होगा?
सरकार ने 2011 से जारी किए गए लगभग 1.69 करोड़ जाति प्रमाण पत्रों के पुन:सत्यापन का आदेश दिया है।
