हर साल हज यात्रा के दौरान दुनिया भर से आए लाखों हाजी शैतान को कंकड़ मारने की रस्म यानी रमी अल-जमरात पूरी करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल फेंके जाने वाले करोड़ों कंकड़ आखिर कहाँ चले जाते हैं। सऊदी अरब सरकार के पास इन पत्थरों को ठिकाने लगाने और उन्हें साफ़ करने का एक बहुत ही आधुनिक सिस्टम है। केदाना कंपनी और सऊदी हज मंत्रालय मिलकर इस पूरी प्रक्रिया को संभालते हैं ताकि पवित्र स्थलों पर स्वच्छता और सुरक्षा बनी रहे।

जमरात के नीचे बने बेसमेंट में कैसे जमा होते हैं पत्थर?

हाजियों द्वारा फेंके गए कंकड़ जमरात पुल के नीचे बने एक खास बेसमेंट में गिरते हैं। यह बेसमेंट लगभग 15 मीटर गहरा है जहां पत्थरों को जमा किया जाता है। इसके बाद का पूरा काम मशीनों द्वारा किया जाता है जिसे नीचे दिए गए स्टेप्स में समझा जा सकता है।

  • मशीनी कन्वेयर बेल्ट इन पत्थरों को बेसमेंट से एक जगह इकट्ठा करते हैं।
  • इसके बाद पत्थरों की छंटनी की जाती है और उन पर पानी का छिड़काव करके धूल और मिट्टी को पूरी तरह साफ किया जाता है।
  • साफ होने के बाद इन कंकड़ियों को गाड़ियों में भरकर सुरक्षित जगहों पर स्टोर कर लिया जाता है।
  • हर साल हज के दौरान लगभग 1000 टन से ज्यादा यानी करीब 10 करोड़ कंकड़ फेंके जाते हैं।

हाजियों को कैसे बांटे जाते हैं कंकड़ और क्या हैं नियम?

हाजियों की सुविधा के लिए हादिया-हाजी और मुतामिर गिफ्ट चैरिटेबल एसोसिएशन नाम की संस्था केदाना कंपनी के साथ मिलकर काम करती है। यह संस्था हाजियों को पहले से साफ किए हुए कंकड़ थैलियों में भरकर बांटती है। मुजदलिफा और जमरात ब्रिज के पास बने 300 से ज्यादा काउंटरों से लगभग 80,000 से अधिक कंकड़ की थैलियां बांटी जाती हैं ताकि हाजियों को खुद पत्थर न ढूंढने पड़ें।

सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने इसके लिए कुछ कड़े नियम और गाइडलाइंस भी बनाई हैं:

  • हाजियों को केवल छोटे पत्थरों का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
  • पत्थर इकट्ठा करने के लिए पहाड़ों पर चढ़ने की सख्त मनाही है ताकि कोई दुर्घटना न हो।
  • भीड़भाड़ और भगदड़ से बचने के लिए मंत्रालय द्वारा दिए गए समय और शेड्यूल का पालन करना जरूरी होता है।
  • अत्यधिक गर्मी और लू से बचाने के लिए मंत्रालय दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जमरात पुल पर जाने पर पाबंदी भी लगाता है ताकि हाजियों की सेहत सुरक्षित रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जमरात में हर साल कुल कितने पत्थर फेंके जाते हैं?

एक अनुमान के मुताबिक, हर साल हज सीजन में 1000 टन से अधिक यानी लगभग 10 करोड़ से ज्यादा कंकड़ फेंके जाते हैं।

इन पत्थरों को साफ और इकट्ठा करने का काम कौन करता है?

इस पूरे काम को मुख्य रूप से केदाना कंपनी संभालती है। कंकड़ों को ऑटोमैटिक बेल्ट से इकट्ठा करके पानी से साफ किया जाता है और फिर गाड़ियों से स्टोरेज के लिए भेजा जाता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.