White House के आर्थिक सलाहकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ईरान में अपना मिशन पूरा होने तक किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। 17 मार्च 2026 की ताज़ा रिपोर्ट और SaudiNews50 के हवाले से यह बात सामने आई है कि अमेरिका ने सीज़फायर के किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। Operation Epic Fury के तहत अब तक 7000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि जब तक उनके रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, यह सैन्य अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

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जानिए क्या है White House के 4 बड़े लक्ष्य

अमेरिका ने ईरान में अपने मिशन के तहत चार प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं जिन्हें हासिल करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

  • ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल इंडस्ट्री और उसके उत्पादन क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करना।
  • ईरानी नौसेना (Naval forces) की ताक़त को पूरी तरह खत्म करना।
  • ईरान द्वारा क्षेत्रीय प्रॉक्सी गुटों को दिए जाने वाले हथियार और फंडिंग पर पूरी तरह रोक लगाना।
  • यह सुनिश्चित करना कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार ना बना सके।

White House के आर्थिक सलाहकारों का मानना है कि क्षेत्र में हालात उनकी उम्मीद से ज्यादा तेज़ी से स्थिर हो रहे हैं। हालांकि पेट्रोल और गैस की बढ़ती वैश्विक कीमतों को लेकर प्रशासन के अंदर थोड़ी चिंता ज़रूर है। इसके बावजूद President Trump ने साफ कहा है कि उन्हें हर हाल में अपना काम पूरा करना ही होगा।

मध्यस्थता से इनकार और सैन्य अभियान का ताज़ा अपडेट

अमेरिका ने ओमान जैसे देशों की तरफ से आ रहे शांति और मध्यस्थता के प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया है। CENTCOM की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार तक ईरान में 7000 से अधिक टारगेट हिट किए जा चुके हैं, जिनमें मुख्य रूप से नेवल एसेट और कमांड फैसिलिटी शामिल हैं।

इस बीच Strait of Hormuz अभी भी बंद पड़ा है क्योंकि ईरान की तरफ से लगातार जवाबी कार्रवाई की धमकी मिल रही है। अमेरिका अब NATO देशों और जापान, साउथ कोरिया जैसे अपने सहयोगियों से बात कर रहा है ताकि एक विशेष टास्क फोर्स बनाकर इस समुद्री रास्ते को फिर से खोला जा सके।

इसके अलावा President Trump ने एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर भी साइन किया है। इसके तहत अगर कोई भी देश ईरान की सरकार से सामान खरीदता है, तो उस पर भी अमेरिका की तरफ से भारी टैरिफ लगाए जाएंगे। अमेरिका ने IRGC और Hezbollah को भी आतंकी संगठन घोषित करने के लिए अपने ग्लोबल सहयोगियों से कहना शुरू कर दिया है ताकि खतरों को कम किया जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.