16 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करने और समझौता करने का इच्छुक है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि राष्ट्रपति Donald Trump का मानना है कि अमेरिकी सैन्य हमलों से ईरान को नुकसान हो रहा है, जिसकी वजह से वे अब डील के लिए तैयार हैं। वहीं, उप चीफ ऑफ स्टाफ Stephen Miller ने कहा कि ईरानी सरकार के कुछ लोग डील के लिए बहुत परेशान हैं।
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ईरान का इनकार और सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी दावों के उलट, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 15 जुलाई को साफ किया कि उनकी सरकार की अमेरिका के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर पुराने समझौतों को तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान में सेमिनरी के प्रमुख Alireza Arafi ने भी अधिकारियों को अमेरिका से बातचीत न करने की सलाह दी है।
इन बयानों के बीच, 15 जुलाई को CENTCOM ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। 16 जुलाई को Fox News ने उत्तरी ईरान में भी अमेरिकी हमलों की खबर दी। इन हमलों को व्हाइट हाउस ने समझौते के उल्लंघन का परिणाम बताया है।
अमेरिकी नागरिक की रिहाई और मध्यस्थता की कोशिश
राष्ट्रपति Donald Trump ने 16 जुलाई को December 2024 से ईरान में कैद अमेरिकी नागरिक Dena Karari की रिहाई का ऐलान किया और इसे सद्भावना का कदम बताया। पाकिस्तान ने दोनों देशों से सैन्य हमले रोकने और Islamabad समझौते के तहत बातचीत शुरू करने की अपील की है।
