अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. व्हाइट हाउस ने ईरान को साफ शब्दों में कहा है कि वह अपनी तेल भंडारण क्षमता की सच्चाई को स्वीकार करे. खबर है कि खार्ग द्वीप पर तेल के टैंक पूरी तरह भर चुके हैं और अब वहां जगह नहीं बची है, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है.
खार्ग द्वीप पर तेल का संकट क्या है?
ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) की हालत गंभीर बताई जा रही है. अमेरिकी खजाने सचिव स्कॉट बेसेंट ने 4 मई 2026 को कहा था कि यहां के स्टोरेज टैंक जल्द ही अपनी क्षमता तक पहुंचने वाले हैं. अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से ईरान के टैंकर तेल बाहर नहीं ले जा पा रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि स्टोरेज की कमी से ईरान के कुएं फट सकते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख और नया फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 मई 2026 को ईरान के साथ सीजफायर को मुश्किल बताया. उन्होंने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह नामंजूर कर दिया. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से नौसैनिक एस्कॉर्ट शुरू कर सकते हैं ताकि इस संघर्ष में पूरी जीत हासिल की जा सके. इससे पहले मार्च 2026 में उन्होंने धमकी दी थी कि अगर रास्ता नहीं खुला तो वह खार्ग द्वीप और तेल के कुओं को नष्ट कर देंगे.
ईरान की मांगें और प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने 11 मई 2026 को बताया कि ईरान ने अमेरिका के सामने अपनी शर्तें रखी हैं. ईरान चाहता है कि पूरे क्षेत्र में युद्ध खत्म हो और विदेशों में जमा उसके पैसे (frozen assets) वापस किए जाएं. खार्ग द्वीप की सुविधाओं के जरिए ईरान अपने 90 प्रतिशत प्रतिबंधित तेल का निर्यात करता है, इसलिए यह जगह उसके लिए बहुत जरूरी है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
खार्ग द्वीप ईरान के लिए क्यों जरूरी है?
खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र है. यहाँ से ईरान के लगभग 90 प्रतिशत प्रतिबंधित तेल का प्रसंस्करण और निर्यात किया जाता है.
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी की है जिससे तेल टैंकर बाहर नहीं जा पा रहे हैं और स्टोरेज टैंक भर चुके हैं.
