अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। ईरान ने हाल ही में एक नया शांति प्रस्ताव भेजा था, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब युद्ध की समय सीमा और सैन्य तनाव दोनों चरम पर हैं।

ईरान का नया प्रस्ताव और अमेरिका का क्या कहना है

ईरान ने 30 अप्रैल 2026 की शाम को पाकिस्तानी मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा था। जब इस बारे में पूछा गया, तो व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने कहा कि प्रशासन निजी राजनयिक बातचीत का विवरण नहीं देता है। उन्होंने साफ़ किया कि राष्ट्रपति Trump का रुख स्पष्ट है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए है।

वॉर पावर्स एक्ट और 60 दिनों की समय सीमा का विवाद

1 मई 2026 की तारीख ट्रंप प्रशासन के लिए बहुत अहम थी, क्योंकि वॉर पावर्स एक्ट 1973 के तहत सैन्य अभियान के लिए कांग्रेस की मंजूरी की 60 दिनों की समय सीमा समाप्त हो रही थी। इस मुद्दे पर प्रशासन और कांग्रेस के बीच अलग-अलग राय है:

  • रक्षा सचिव Pete Hegseth: उनका कहना है कि अप्रैल की शुरुआत में शुरू हुए युद्धविराम ने कांग्रेस की मंजूरी की 60 दिनों की घड़ी को रोक दिया है।
  • सीनेटर Susan Collins: उन्होंने कहा कि यह समय सीमा एक कानूनी ज़रूरत है, कोई सुझाव नहीं, और राष्ट्रपति की शक्तियों की अपनी सीमाएं हैं।
  • प्रशासनिक अधिकारी: एक वरिष्ठ अधिकारी का दावा है कि 7 अप्रैल के युद्धविराम के बाद से कोई गोलीबारी नहीं हुई है, इसलिए युद्ध तकनीकी रूप से खत्म हो चुका है।

सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति

ज़मीनी स्तर पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी कर रखी है ताकि ईरानी तेल टैंकर बाहर न जा सकें। ईरान की मांग है कि नई बातचीत और जलमार्ग को खोलने के लिए इस नाकाबंदी को हटाया जाए। दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हुई, तो वह अमेरिकी ठिकानों पर लंबे और दर्दनाक हमले करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अपना नया प्रस्ताव अमेरिका तक कैसे पहुँचाया

ईरान ने अपना नवीनतम प्रस्ताव 30 अप्रैल 2026 की शाम को पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को भेजा था।

वॉर पावर्स एक्ट को लेकर विवाद क्या है

इस कानून के तहत सैन्य कार्रवाई के लिए 60 दिनों में कांग्रेस की मंजूरी ज़रूरी होती है। प्रशासन का कहना है कि युद्धविराम के कारण यह समय सीमा रुक गई है, जबकि कुछ सीनेटर इसे अनिवार्य नियम मान रहे हैं।