अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। White House ने साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

ℹ: Doha Meeting: ईरान के साथ अमेरिका की बड़ी बैठक, शांति बहाली के लिए दोहा पहुंचेंगे Steve Witkoff और Jared Kushner

दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद की वजह से Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर काफी असर पड़ा है। हालांकि, 17 जून 2026 को एक समझौता हुआ था ताकि लड़ाई को खत्म किया जा सके, लेकिन हालात फिर बिगड़ गए। 26 जून को अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किया। 29 जून की सुबह Bahrain में भी ईरानी ड्रोन हमले की खबर आई, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये ड्रोन अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाए।

राष्ट्रपति Trump ने चेतावनी दी है कि अगर हालात और बिगड़े तो वह इस काम को सैन्य तरीके से पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका को दोबारा युद्ध के लिए मजबूर किया गया, तो ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान को समझौते से कोई दिक्कत है तो वे फोन कर सकते हैं, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।

ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान अब एक-दूसरे पर हमला रोकने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों पक्ष 30 जून को Qatar में मिलेंगे ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटेंगे और जहाजों को आने-जाने की आजादी होगी।

दूसरी तरफ, अमेरिका की संसद (Senate) ने 23 जून को एक प्रस्ताव पास किया था ताकि राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ हमले करने से रोका जा सके। ट्रंप ने इस फैसले को बेकार बताया और कहा कि कुछ सीनेटर उनके काम को मुश्किल बना रहे हैं, लेकिन वह अपना फैसला किसी न किसी तरह पूरा करेंगे।