व्हाइट हाउस ने बुधवार को ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर चल रही बातचीत का सही नतीजा नहीं निकला, तो और भी सैन्य हमले किए जा सकते हैं। प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने साफ किया कि अमेरिकी सेना अपने मिशन के काफी करीब है और वे ईरान को और भी कड़ी चोट पहुँचाने के लिए तैयार हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को ठुकरा कर अपनी नई शर्तें सामने रख दी हैं।

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ईरान ने ठुकराया अमेरिका का प्रस्ताव, रखी ये बड़ी शर्तें

व्हाइट हाउस का कहना है कि वे ईरान के साथ सीधी बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि उन्होंने अमेरिका के युद्ध रोकने वाले प्लान को मानने से मना कर दिया है। ईरान ने अपनी कुछ मांगें रखी हैं जिन्हें पूरा होने पर ही वह युद्ध रोकेगा। इन मांगों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से पैसा वसूलना और ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना शामिल है।

युद्ध और सुरक्षा को लेकर क्या हैं ताज़ा हालात?

क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियान ‘Operations Epic Fury and Roaring Lion’ की वजह से तनाव काफी बढ़ गया है। 25 मार्च 2026 को हुए ताजा घटनाक्रम की जानकारी नीचे दी गई है:

घटना का प्रकार मुख्य जानकारी
कुवैत एयरपोर्ट ईरानी हमले के बाद कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीषण आग लग गई।
इजरायली हमले इजरायल ने बुधवार को तेहरान पर हवाई हमले किए।
अमेरिकी सैनिक युद्ध शुरू होने से अब तक करीब 290 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
नई तैनाती अमेरिका करीब 3,000 और सैनिकों को खाड़ी क्षेत्र में भेज सकता है।
शांति वार्ता पाकिस्तान इस मामले में बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा है।
ट्रम्प का बयान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे सही लोगों से बात कर रहे हैं और युद्ध खत्म होने वाला है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?

कुवैत और आसपास के देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी चिंताजनक है। कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद विमानों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान पर पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला करने की ताकत रखता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें क्योंकि व्हाइट हाउस ने कहा है कि कई खबरें पूरी तरह सच नहीं हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.