WHO चीफ ने की बड़ी अपील, लेबनान में अस्पतालों और मेडिकल स्टाफ को सुरक्षित रखने की मांग, इसराइल के हमलों से बढ़ी मुश्किलें
World Health Organization (WHO) के चीफ Tedros Adhanom Ghebreyesus ने लेबनान में जारी जंग के बीच अस्पतालों और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों, एम्बुलेंस और मरीजों को तुरंत सुरक्षित किया जाना चाहिए. इसराइल के हमलों की वजह से वहां का मेडिकल सिस्टम पूरी तरह दबाव में है और आम लोगों को इलाज मिलने में भारी दिक्कत आ रही है.
लेबनान के हेल्थ सेक्टर पर हमलों का क्या असर हुआ?
मार्च 2026 से शुरू हुए हमलों के बाद से लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बहुत खराब हो गई है. WHO के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर 133 हमले हुए हैं. अंतरराष्ट्रीय कानूनों के बावजूद मेडिकल स्टाफ और अस्पतालों को निशाना बनाया गया है, जिससे कई जरूरी सेवाएं बंद हो गई हैं.
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल हमले | 133 |
| कुल मौतें | 88 |
| कुल घायल | 206 |
| क्षतिग्रस्त अस्पताल | 15 |
| बंद हुए अस्पताल | 5 |
| बंद हुए हेल्थ सेंटर | 56 |
| मारे गए मेडिकल वर्कर | 91 |
हाल के दिनों में कौन सी बड़ी घटनाएं हुईं?
16 अप्रैल 2026 को दक्षिण लेबनान के Mayfadoun में तीन अलग-अलग हमलों में चार बचावकर्मी मारे गए और छह घायल हुए. ये लोग घायल साथियों की मदद के लिए गए थे. इससे पहले 15 अप्रैल को Tebnine Government Hospital में हुए हमलों से 11 कर्मचारी घायल हुए और अस्पताल के इमरजेंसी विभाग को काफी नुकसान पहुंचा.
इसके अलावा, Beirut के Jnah इलाके में Rafik Hariri University Hospital और Al Zahraa Hospital को खाली करने का आदेश दिया गया था. WHO ने इस आदेश का विरोध किया क्योंकि वहां ICU में भर्ती मरीजों को शिफ्ट करना नामुमकिन था और कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं था. Doctors Without Borders ने भी बताया कि कई शहरों में बड़े हमले हुए जिससे अस्पताल पूरी तरह भर गए हैं.