ईरान द्वारा GCC देशों और जॉर्डन पर किए गए हमलों को लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने कड़ा विरोध जताया है। इस कदम का कुवैत ने स्वागत किया है। WHO ने साफ कहा है कि युद्ध के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों को निशाना बनाना गलत है। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
WHO ने ईरान के हमलों पर क्या कहा और इसमें क्या खास है?
21 मई 2026 को वर्ल्ड हेल्थ असेंबली (WHA) ने एक प्रस्ताव पास किया। इसमें ईरान द्वारा GCC देशों और जॉर्डन में नागरिक इलाकों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि इन हमलों से मेडिकल सुविधाओं, अस्पतालों, पानी साफ करने वाले प्लांट और एयरपोर्ट्स को काफी नुकसान पहुँचा है। WHO ने मांग की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित रखा जाए ताकि आम लोगों का इलाज न रुके।
- डॉ. टेड्रोस (WHO चीफ): उन्होंने मार्च 2026 में ही चेतावनी दी थी कि बढ़ते टकराव से स्वास्थ्य प्रणालियां तबाह हो रही हैं।
- डॉ. हनान बल्खी: उन्होंने अस्पतालों को सुरक्षित ठिकाना बनाने की अपील की थी ताकि इलाज में बाधा न आए।
अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
इस विवाद में कई बड़े देश और संस्थाएं शामिल हैं। UAE ने कहा कि WHO का यह फैसला सही है क्योंकि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। UAE ने यह भी बताया कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बाधा डालने से जरूरी दवाइयां और वैक्सीन समय पर नहीं पहुँच पा रही हैं।
- UN Security Council: प्रस्ताव 2817 के जरिए इन हमलों की कड़ी निंदा की गई।
- UNHRC: 25 मार्च 2026 को 100 से ज्यादा देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।
- ईरान का जवाब: ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गलत इस्तेमाल बताया और कहा कि उसके अपने स्वास्थ्य केंद्रों को भी नुकसान हुआ है।
GCC देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा बहुत जरूरी है। अगर अस्पतालों और पानी के प्लांट पर हमला होता है, तो इसका सीधा असर वहां काम करने वाले आम लोगों और मजदूरों की सेहत और जीवन पर पड़ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
WHO ने ईरान के खिलाफ क्या फैसला लिया?
WHO की वर्ल्ड हेल्थ असेंबली ने 21 मई 2026 को एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें GCC देशों और जॉर्डन के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमलों की निंदा की गई है।
ईरान द्वारा किए गए हमलों की शुरुआत कब हुई थी?
ईरान ने 28 फरवरी 2026 को मिसाइल और ड्रोन के जरिए GCC देशों और जॉर्डन पर हमले शुरू किए थे।
