WHO की रिपोर्ट: ईरान में 32 लाख लोग हुए बेघर, लेबनान के अस्पताल बंद और तबाह, इसराइल के हमलों से बढ़ी मुसीबत

WHO ने मिडिल ईस्ट की हालत पर अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान और लेबनान में हालात बहुत खराब हैं। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं और अस्पतालों में इलाज मिलना मुश्किल हो गया है। इस युद्ध की वजह से आम लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

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ईरान में विस्थापन की स्थिति क्या है?

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में करीब 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। इसका मतलब है कि इतनी बड़ी आबादी को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का बेघर होना वहां की व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।

लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है?

इसराइल के हमलों की वजह से लेबनान में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वहां 6 अस्पताल और 51 प्राइमरी हेल्थ सेंटर बंद हो चुके हैं, जबकि 12 अस्पताल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। पानी, साफ-सफाई और बुनियादी सेवाओं में भारी रुकावट आई है, जिससे वहां स्वास्थ्य संकट और गहरा गया है।

आम लोगों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है?

लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हैं और अस्थायी शेल्टर होम में भारी भीड़ है। लोगों को जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं और गंभीर बीमारियों का इलाज बीच में ही रुक गया है। हालांकि युद्ध विराम को थोड़ा बढ़ाया गया है, लेकिन हालात अब भी बहुत तनावपूर्ण और अस्थिर हैं।