विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान के परमाणु ठिकानों के पास हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। संगठन के प्रमुख ने बताया कि इन हमलों से किसी बड़ी परमाणु दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया है, जिसका असर आने वाली कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ सकता है। इस बीच खाड़ी देशों में भी तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान और उसके विरोधियों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।

परमाणु हमले के खतरे को लेकर WHO और IAEA ने क्या कहा है?

WHO के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने साफ कहा है कि Bushehr परमाणु ऊर्जा प्लांट जैसे ठिकानों पर हमले से स्वास्थ्य संबंधी विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। International Atomic Energy Agency (IAEA) के महानिदेशक Rafael Grossi ने भी इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है ताकि परमाणु सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन न हो। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे हमलों से होने वाला प्रदूषण बेहद गंभीर हो सकता है जिसे संभालना किसी भी देश के लिए मुश्किल होगा।

खाड़ी देशों और आम नागरिकों पर इस तनाव का क्या प्रभाव पड़ रहा है?

इस बढ़ते तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एयर डिफेंस प्रणाली मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब देने के लिए सक्रिय है। ईरान के विदेश मंत्री ने भी संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि परमाणु ठिकानों पर हमले से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी कचरा फैल सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तनाव बढ़ने से यात्रा और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

तारीख प्रमुख घटनाक्रम
6 अप्रैल 2026 तेहरान में हुए हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत की खबर है।
6 अप्रैल 2026 ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के इंटेलिजेंस चीफ की हमले में मौत हुई।
6 अप्रैल 2026 UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोका।
6 अप्रैल 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 24 घंटे का समय दिया।
5 अप्रैल 2026 ईरानी मिसाइल हमले में इजरायल के हाइफ़ा में चार लोग घायल हुए।