WHO को मिली नई चेतावनी, बेरूत में एम्बुलेंस पर हमला कर सकता है इसराइल, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बेरूत के निकासी क्षेत्रों में एम्बुलेंस को निशाना बनाए जाने की नई चेतावनी मिलने के बाद गहरी चिंता व्यक्त की है। यह चेतावनी इसराइली सेना की ओर से आई है, जिसे WHO ने अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। बेरूत में जारी भारी हमलों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता दबाव वहां के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
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अस्पतालों और एम्बुलेंस पर हमले को लेकर क्या हैं मुख्य बातें?
- WHO के प्रतिनिधि डॉक्टर अब्दुनासिर अबुबकर ने कहा कि इसराइल ने दो बड़े अस्पतालों को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया है, लेकिन एम्बुलेंस पर हमले की चेतावनी अलग से दी है।
- इसराइली सेना का आरोप है कि हिज़्बुल्लाह एम्बुलेंस का इस्तेमाल सैन्य कार्यों के लिए कर रहा है, हालांकि WHO ने कहा है कि वे इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकते।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मार्च 2026 से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं पर 106 से ज़्यादा हमले हुए हैं, जिसमें 57 स्वास्थ्य कर्मियों की जान गई है।
- बेरूत के अस्पतालों में स्थिति इतनी गंभीर है कि एम्बुलेंस को घायलों के बजाय सीधे शवों को मुर्दाघर पहुँचाना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय नियम और मौजूदा जमीनी हालात क्या कहते हैं?
जेनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक एम्बुलेंस और मेडिकल यूनिट को युद्ध के दौरान सुरक्षा प्राप्त है और उन पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। इन मेडिकल वाहनों पर हमला केवल तभी हो सकता है जब उनका इस्तेमाल दुश्मन को नुकसान पहुँचाने के लिए किया जा रहा हो, और वह भी उचित चेतावनी देने के बाद। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इसराइल से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सड़कों को खाली रखें ताकि एम्बुलेंस को रास्ता मिल सके। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत के लिए मंज़ूरी दे दी है, जो अगले सप्ताह वाशिंगटन में होने की संभावना है।





