World Bank की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, बलूचिस्तान बाढ़ राहत फंड के पैसे दूसरे कामों में लगाने पर रोका 180 मिलियन डॉलर का लोन.

विश्व बैंक ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है और देश को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मिलने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट के पैसों को दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इस्तेमाल कर लिया। इस वजह से लगभग 119,049 योग्य परिवारों को जरूरी मदद नहीं मिल पाई है। इस बात की जानकारी ANI की रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है, जिसे आप यहाँ देख सकते हैं।
फंड डायवर्ट करने से बढ़ा गरीबों का संकट
यह मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था ने बड़ा फैसला लेते हुए $180 मिलियन की अतिरिक्त फंडिंग को रोक दिया है। यह पैसा उन गरीब परिवारों के घरों को दोबारा बनाने के लिए मिलने वाला था जिनके पास अपनी कोई बचत या जरूरी सामान नहीं है। इस तरह के फैसलों से गरीबों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं और वे भविष्य में आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए और कमजोर हो जाएंगे।
यह पूरा मामला 22-23 जून 2026 को हुई एक प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में सामने आया। इस मीटिंग में बाढ़ पीड़ितों की मदद को सीमित करने का फैसला लिया गया था। इसके तहत केवल 62,966 पहले चरण के लाभार्थियों और सब्सिडी के लिए 97,000 परिवारों तक की मदद को सीमित कर दिया गया। विश्व बैंक की कंट्री डायरेक्टर Boloromaa Amgaabazar ने पाकिस्तान के संघीय योजना मंत्री Ahsan Iqbal और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री Sarfraz Bugti के साथ बैठक के बाद अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी।
अधिकारियों की मीटिंग और बची हुई मुश्किलें
विश्व बैंक ने बताया कि जिन लोगों को इस योजना का लाभ मिलना था, उनमें से करीब 84 प्रतिशत लोग बेहद गरीब हैं और वे महीने में $70 से भी कम कमाते हैं। बैंक का कहना है कि इस तरह अचानक सहायता रोकने से इन परिवारों का जीवन और ज्यादा कठिन हो जाएगा। इसके अलावा विश्व बैंक इस बात से भी नाराज था कि बिना किसी आपसी सहमति वाली रणनीति के इस फैसले का सार्वजनिक ऐलान कर दिया गया।
इस फंड के इधर-उधर किए जाने के बाद प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम में कुल 66,120 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। रिकॉर्ड में हेराफेरी, एक ही घर के लिए कई बार भुगतान लेने और फर्जी दावों की जांच की जा रही है, हालांकि इस जांच को रोकने की कोशिशें भी की जा रही हैं। इसके साथ ही कई तरह की बड़ी गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। उदाहरण के तौर पर, प्रधानमंत्री के सामने 15,000 घर पूरे होने की रिपोर्ट पेश की गई थी, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में केवल 8,694 घर ही तैयार पाए गए।
इन तमाम गंभीर मामलों के बावजूद पाकिस्तान के योजना आयोग ने इस बात से इनकार किया है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट को बंद किया गया है। उनका कहना है कि लगभग 75,000 पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों पर अभी काम चल रहा है, जिनमें से 26,000 घर बनकर तैयार हो चुके हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि मूल रूप से मंजूर किए गए प्रोजेक्ट में 68,922 घरों को शामिल किया गया था।