बांग्लादेश के लिए एक बड़ी खबर आई है. वर्ल्ड बैंक ने देश में खाने-पीने की चीजों की कमी को दूर करने और गरीब परिवारों की मदद के लिए 1.1 बिलियन डॉलर की इमरजेंसी फंडिंग मंजूर की है. यह पैसा मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से बढ़ी महंगाई और खाद-ईंधन की बढ़ती कीमतों के बुरे असर को कम करने के लिए दिया गया है.
वर्ल्ड बैंक ने इस मदद को दो अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में बाँटा है. पहले प्रोजेक्ट के तहत 300 मिलियन डॉलर सिर्फ खाद की कमी को पूरा करने के लिए दिए जाएंगे. इससे करीब 6 लाख मीट्रिक टन खाद मंगाई जाएगी, जिसमें आधा हिस्सा यूरिया होगा. यह खाद जुलाई से अप्रैल 2027 के बीच होने वाली अमन और बोरो चावल की खेती में काम आएगी, जिससे करीब 14 लाख हेक्टेयर जमीन पर फसल उगाई जा सकेगी.
दूसरे प्रोजेक्ट में 713 मिलियन डॉलर दिए गए हैं, जिसका इस्तेमाल इमरजेंसी खर्चों के लिए होगा. इस पैसे से गरीब परिवारों और छोटे कारोबारों को नकद सहायता दी जाएगी. साथ ही, ईंधन और ऊर्जा के आयात के लिए भी इसका इस्तेमाल होगा ताकि अस्पताल, बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुके चलती रहें.
मदद की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल फंडिंग | 1.1 बिलियन डॉलर |
| खाद्य सुरक्षा प्रोजेक्ट | 300 मिलियन डॉलर |
| खाद आयात की मात्रा | 6 लाख मीट्रिक टन |
| खेती के लिए जमीन | 14 लाख हेक्टेयर |
| इमरजेंसी रिस्पांस प्रोजेक्ट | 713 मिलियन डॉलर |
| पैसा मिलने की आखिरी तारीख | 30 जून 2026 |
| मुख्य फसलें | अमन और बोरो चावल |
वर्ल्ड बैंक के अधिकारी Jean Pesme ने बताया कि मिडिल ईस्ट की लड़ाई की वजह से खाद और ईंधन के दाम बढ़ गए हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे किसानों और गरीब लोगों पर पड़ा है. वहीं, Souleymane Coulibaly ने कहा कि देश के कुल चावल उत्पादन का 90 प्रतिशत हिस्सा अमन और बोरो सीजन से आता है, इसलिए खाद की सप्लाई रुकने से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ सकती थी.
वर्ल्ड बैंक की एक्सपर्ट Lesley Jeanne Yu Cordero के मुताबिक, पुराने प्रोजेक्ट्स के बचे हुए पैसे को इस काम में लगाया गया है ताकि लोगों और बिजनेस को तुरंत राहत मिल सके. इसके अलावा, बांग्लादेश अपनी आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने के लिए International Monetary Fund (IMF) और अन्य पार्टनर्स से भी मदद माँग रहा है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाया जा सके और ऊर्जा आयात के खर्च को संभाला जा सके.
