World Bank का बड़ा ऐलान, मिडिल ईस्ट युद्ध से प्रभावित देशों को मिलेंगे 100 अरब डॉलर, कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर

World Bank के প্রেসিডেন্ট Ajay Banga ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से जो देश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, उनकी मदद के लिए बैंक 80 अरब से 100 अरब डॉलर तक का फंड जुटा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया अगले 15 महीनों के अंदर पूरी की जाएगी ताकि प्रभावित देशों को सहारा मिल सके।

फंड कैसे मिलेगा और कितनी राशि होगी?

World Bank ने इस मदद को अलग-अलग हिस्सों में बांटा है ताकि ज़रूरत के हिसाब से पैसा दिया जा सके। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • सबसे पहले 20 अरब से 25 अरब डॉलर की राशि तुरंत दी जाएगी, जिसे देश अगले कुछ महीनों में इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • अगले छह महीनों में 30 अरब से 40 अरब डॉलर और जुटाए जाएंगे, जिसके लिए पुराने प्रोग्राम्स के फंड का इस्तेमाल होगा।
  • अगर युद्ध लंबा खिंचता है और पैसों की ज़रूरत ज़्यादा पड़ती है, तो World Bank अपनी बैलेंस शीट से अतिरिक्त संसाधन जुटाएगा।

अर्थव्यवस्था और GDP पर क्या असर होगा?

IMF ने इस युद्ध के कारण दुनिया की आर्थिक ग्रोथ कम होने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर युद्ध जारी रहता है, तो ग्लोबल GDP ग्रोथ गिरकर 2.5% तक आ सकती है। मिडिल ईस्ट और सेंट्रल एशिया के देशों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा।

विभिन्न देशों की 2026 की GDP में होने वाली संभावित गिरावट इस प्रकार है:

देश GDP गिरावट (अनुमानित)
Qatar 8.6%
Iraq 6.8%
Iran 6.1%
Kuwait 0.6%
Bahrain 0.5%

ऊर्जा की कीमतों और महंगाई पर चेतावनी

वाशिंगटन में हुई मीटिंग के दौरान World Bank और IMF की चीफ Kristalina Georgieva ने देशों को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को संभालने के लिए सरकारें केवल अस्थायी कदम उठाएं। उन्होंने देशों को सलाह दी कि वे ऊर्जा पर बड़े पैमाने पर सब्सिडी देने से बचें, क्योंकि इससे महंगाई और ज़्यादा बढ़ सकती है और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँच सकता है।