वर्ल्ड बैंक ने पूरी दुनिया के लिए एक चिंताजनक खबर साझा की है। अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब दुनिया की जेब पर भारी पड़ने वाला है। इसकी वजह से महंगाई बढ़ेगी और कर्ज लेना महंगा होगा, जिससे आर्थिक तरक्की की रफ्तार काफी धीमी हो जाएगी। यह स्थिति कोरोना महामारी के बाद सबसे खराब हो सकती है।
क्यों गिर रही है दुनिया की ग्रोथ?
वर्ल्ड बैंक ने अपनी ‘Global Economic Prospects’ रिपोर्ट में बताया कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से एनर्जी की कीमतें बढ़ रही हैं। जब तेल और गैस महंगे होते हैं, तो हर चीज़ की कीमत बढ़ जाती है और महंगाई बढ़ती है। साथ ही, देशों के लिए कर्ज लेना भी मुश्किल और महंगा हो गया है। इसी वजह से दुनिया के दो-तिहाई देशों की आर्थिक तरक्की की रफ्तार को कम कर दिया गया है।
गल्फ देशों और आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस लड़ाई का सबसे बुरा असर गल्फ देशों पर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि वे इस संघर्ष वाले क्षेत्र के सबसे करीब हैं। विकासशील और उभरते बाजारों में तरक्की की रफ्तार घटकर 3.6% रह सकती है। आम लोगों और प्रवासियों के लिए इसका मतलब यह है कि बिजली, पेट्रोल और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि, अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर कम असर पड़ेगा क्योंकि वह खुद तेल का बड़ा उत्पादक है और वहां AI में निवेश बढ़ रहा है।
आर्थिक आंकड़ों पर एक नज़र
| विवरण | अनुमानित आंकड़ा |
|---|---|
| 2026 ग्लोबल ग्रोथ फोरकास्ट | 2.5% |
| पिछला 2025 फोरकास्ट | 2.9% |
| तेल $115 होने पर संभावित ग्रोथ | 2.1% |
| गंभीर एनर्जी शॉक होने पर ग्रोथ | 1.3% |
| उभरते बाजारों की ग्रोथ | 3.6% |
| अमेरिका की 2026 ग्रोथ | 2.2% |
| संभावित महंगाई दर | 4.4% |
वर्ल्ड बैंक की सलाह
वर्ल्ड बैंक ने देशों से अपील की है कि वे अपनी खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करें। साथ ही, महंगाई को कंट्रोल करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि आम आदमी इस आर्थिक संकट से बच सके।
