Middle East में चल रही जंग अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। World Bank की नई रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में दुनिया की आर्थिक तरक्की काफी धीमी हो जाएगी। इससे महंगाई बढ़ सकती है और आम लोगों के लिए कर्ज लेना और भी महंगा हो सकता है।

दुनिया की आर्थिक रफ्तार में आएगी गिरावट

World Bank की Global Economic Prospects रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में दुनिया की ग्रोथ गिरकर 2.5% पर आ सकती है, जो 2025 में 2.9% थी। दुनिया की दो-तिहाई अर्थव्यवस्थाओं के विकास अनुमान को घटा दिया गया है। अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं और तेल की सप्लाई में दिक्कत आती है, तो ग्रोथ गिरकर 1.3% तक जा सकती है और महंगाई 4.4% तक बढ़ सकती है।

विकासशील देशों की बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन और भारत को छोड़कर बाकी विकासशील देशों की हालत चिंताजनक है। पिछले 10 सालों से ये देश अमीर देशों के मुकाबले अपनी कमाई का अंतर कम नहीं कर पाए हैं। World Bank के प्रेसिडेंट Ajay Banga ने कहा कि इन देशों के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने साफ किया कि बैंक का काम इन देशों को स्थिरता देना और उन्हें इस संकट से बाहर निकालना है।

राहत के लिए World Bank का बड़ा प्लान

संकट से जूझ रहे देशों की मदद के लिए World Bank ने तुरंत 50 से 60 अरब डॉलर की राशि उपलब्ध कराई है। इसमें 25 अरब डॉलर पहले से तय फाइनेंसिंग का हिस्सा है। इस पैसे का इस्तेमाल गरीब लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेट बनाने, सरकारी क्षमता बढ़ाने और छोटे कारोबारों व खेती के लिए वर्किंग कैपिटल देने में किया जाएगा। अगर हालात नहीं सुधरे, तो बैंक अगले 15 महीनों में अपनी मदद बढ़ाकर 80 से 100 अरब डॉलर तक कर सकता है।

क्षेत्रीय असर और आंकड़े

दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखी जाएगी, लेकिन वहां भी रफ्तार कम होगी। वहीं सब-सहारा अफ्रीका में खाद की कमी और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से लोग परेशान हैं।

विवरण अनुमानित दर/रकम
ग्लोबल ग्रोथ 2025 2.9%
ग्लोबल ग्रोथ 2026 2.5%
ग्लोबल ग्रोथ 2027 2.8%
संभावित न्यूनतम ग्रोथ (2026) 1.3%
संभावित महंगाई (2026) 4.4%
दक्षिण एशिया ग्रोथ 2025 7%
दक्षिण एशिया ग्रोथ 2026 6.3%
तत्काल वित्तीय मदद 50-60 अरब डॉलर
अधिकतम संभावित मदद 80-100 अरब डॉलर