World Bank ने पाकिस्तान के बिजली सिस्टम को ठीक करने के लिए 375.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद को मंजूरी दी है। इस पैसे का इस्तेमाल देश के नेशनल पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा। इससे आम लोगों को बिजली कटौती से राहत मिलेगी और घरों व कारोबारों में साफ ऊर्जा पहुंच सकेगी।
यह प्रोजेक्ट ‘बूस्टिंग एनर्जी सिक्योरिटी थ्रू ट्रांसमिशन इन पाकिस्तान’ (BEST-PAK) प्रोग्राम का हिस्सा है। यह 10 साल तक चलने वाले एक बड़े प्रोग्राम का पहला चरण है। इसका मुख्य मकसद पाकिस्तान के बिजली नेटवर्क को आधुनिक बनाना है ताकि बिजली की सप्लाई बेहतर हो और बार-बार होने वाले पावर कट कम हों।
World Bank की पाकिस्तान डायरेक्टर Bolormaa Amgaabazar ने बताया कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति वहां के ऊर्जा संकट से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निवेश से बिजली की लागत कम होगी। साथ ही, ग्रिड पर रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिससे आम जनता और उद्योगों को फायदा होगा।
पाकिस्तान साल 1950 से World Bank का सदस्य है और अब तक उसे 51.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा की सहायता मिल चुकी है। फिलहाल वहां World Bank के 52 ऑपरेशन चल रहे हैं, जिनमें कुल 16.9 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता है।
