वर्ल्ड बैंक ने सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले सालों में सऊदी की इकोनॉमी किस रफ्तार से बढ़ेगी। जहाँ कुछ अनुमानों में बदलाव किया गया है, वहीं 2028 तक की ग्रोथ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के नए अनुमान
वर्ल्ड बैंक ने सऊदी अरब की जीडीपी ग्रोथ के लिए अलग-अलग सालों के आंकड़े दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 के लिए अनुमान को घटाकर 3.1% कर दिया गया है, जबकि 2027 के लिए इसे बढ़ाकर 4.9% किया गया है। साल 2028 तक सऊदी की अर्थव्यवस्था 3.7% की दर से बढ़ने का अनुमान है।
| समय/क्षेत्र | ग्रोथ अनुमान | विवरण |
|---|---|---|
| सऊदी अरब (2026) | 3.1% | पहले यह 4.3% था |
| सऊदी अरब (2027) | 4.9% | 0.5% की बढ़ोतरी हुई |
| सऊदी अरब (2028) | 3.7% | भविष्य का अनुमान |
| ग्लोबल ग्रोथ (2026) | 2.5% | अनुमान में कटौती हुई |
| सऊदी Q1 (2026) | 3.0% | वास्तविक जीडीपी ग्रोथ |
मिडल ईस्ट तनाव का असर
वर्ल्ड बैंक ने बताया कि दुनिया भर की ग्रोथ के अनुमानों में कमी आई है। इसका मुख्य कारण मिडल ईस्ट में चल रहा संघर्ष है। इस तनाव की वजह से तेल सेक्टर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई रुकने का डर बना हुआ है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है।
सऊदी की मजबूती के कारण
इतने तनाव के बावजूद वर्ल्ड बैंक और IMF ने सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया है। इसका कारण विज़न 2030 (Vision 2030) के तहत तेल के अलावा दूसरे बिजनेस को बढ़ावा देना और सरकार की सही आर्थिक नीतियां हैं। साथ ही, सऊदी अरब ने तेल निर्यात के लिए यनबू पोर्ट (Yanbu port) जैसे वैकल्पिक रास्तों का इंतजाम किया है, जिससे स्थिरता बनी हुई है।
अन्य आधिकारिक अपडेट
International Monetary Fund (IMF) ने जून 2026 की शुरुआत में सऊदी अरब के साथ अपनी बातचीत पूरी की और अर्थव्यवस्था की मजबूती की पुष्टि की। वहीं, सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने जानकारी दी कि 2026 की पहली तिमाही में तेल और गैर-तेल दोनों गतिविधियों की वजह से 3.0% की ग्रोथ दर्ज की गई।
